लोहाघाट में दर्दनाक सड़क हादसा: खाई में गिरी कार, दो की मौत और एक गंभीर घायल
Tragic road accident in Lohaghat: Car falls into a gorge, two dead and one seriously injured.
चंपावत (लोहाघाट): उत्तराखंड के चंपावत जिले में मंगलवार, 4 नवंबर को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। लोहाघाट विकासखंड के सीमांत क्षेत्र डूंगरा बोरा में एक कार अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। उन्होंने घायल को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई।
कार अनियंत्रित होकर गिरी 200 मीटर गहरी खाई में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम डूंगरा बोरा निवासी मुकेश कुमार (28) पुत्र फकीर राम अपनी वैगन आर (UK03 TA 2479) टैक्सी से लोहाघाट की ओर जा रहे थे। उनके साथ मनीषा (22) पुत्री हजारी राम और विक्रम राम (24) पुत्र सुरेश राम सवार थे।
बताया गया कि रास्ते में कार अचानक अनियंत्रित हो गई और खाई में गिर गई। हादसे में चालक मुकेश कुमार और मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विक्रम राम गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल युवक ने खुद दी हादसे की जानकारी
हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल विक्रम राम किसी तरह खाई से बाहर निकलकर सड़क तक पहुंचे और गांववालों को सूचना दी। ग्रामीण तुरंत सक्रिय हुए और पुलिस को खबर दी। इसके बाद थाना लोहाघाट पुलिस टीम और तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रशासन मौके पर पहुंचा।
प्रशासन की तत्परता और जांच जारी
तहसीलदार नेगी ने बताया कि मृतक मुकेश कुमार (28) और मनीषा (22) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। घायल विक्रम राम को जिला चिकित्सालय चंपावत भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम आयुष्मान आरोग्य मंदिर डूंगरा बोरा में किया गया और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
क्षेत्र में शोक की लहर
इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। मृतक युवकों के परिवार और गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और संकेतक बोर्डों की व्यवस्था की जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

