उत्तराखंड

Kanwar Yatra 2026: अंतिम चरण में 3.19 करोड़ से ज्यादा कांवड़िए रवाना, डाक कांवड़ की बढ़ी रफ्तार!

Kanwar Yatra 2026: Over 3.19 crore Kanwariyas set out in the final phase, pace of 'Dak Kanwar' picks up!

Kanwar Yatra 2026: सावन के दौरान चल रही कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। हरिद्वार में गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौटने वाले शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन के मुताबिक अब तक 3 करोड़ 19 लाख 48 हजार कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं। अंतिम चरण में पैदल कांवड़ियों की संख्या में कमी आई है, जबकि डाक कांवड़ का सिलसिला तेज हो गया है।

दोपहिया और चौपहिया वाहनों से गंगाजल लेकर जाने वाले डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ हाईवे पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने यातायात प्रबंधन के साथ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।

DM-SSP ने देर रात ग्राउंड पर पहुंचकर लिया जायजा

कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में व्यवस्थाओं की स्थिति देखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर देर रात ग्राउंड पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मोतीचूर तक हाईवे का निरीक्षण किया और यातायात, पार्किंग तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रमुख चौक-चौराहों पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने पार्किंग की स्थिति, वाहनों की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन से संबंधित जानकारी ली। कांवड़ मेले में तैनात एसपीओ से भी अधिकारियों ने बातचीत की और उनकी ड्यूटी के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।

डाक कांवड़ बढ़ते ही हाईवे पर बढ़ा दबाव

Kanwar Yatra 2026 के अंतिम चरण में डाक कांवड़ वाहनों की संख्या बढ़ने से हाईवे पर यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि डाक कांवड़ शुरू होने के बाद कांवड़ पटरी पर पैदल शिवभक्तों की संख्या कम हुई है। इसके चलते कांवड़ पटरी पर उपलब्ध कुछ सुविधाओं को हाईवे और पार्किंग क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शौचालय और लाइटिंग जैसी व्यवस्थाओं को जरूरत के अनुसार उन स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं और वाहनों की अधिक आवाजाही है। इसके अलावा पार्किंग स्थलों पर पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

रविवार सुबह से शुरू होगी डाक कांवड़ वाहनों की निकासी

प्रशासन के अनुसार रविवार सुबह 9 बजे से डाक कांवड़ वाहनों की निकासी शुरू की जाएगी। इसके बाद हाईवे से डाक कांवड़ वाहनों को निर्धारित रूट से रवाना किया जाएगा। अलग-अलग शहरों और राज्यों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग रूट तय किए गए हैं, ताकि किसी एक मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव न बने।

दिल्ली, नोएडा, मेरठ और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले डाक कांवड़ वाहनों को नारसन बॉर्डर से भेजने की योजना बनाई गई है। वहीं सहारनपुर, हरियाणा और पंजाब की ओर जाने वाले वाहनों को भगवानपुर बॉर्डर के रास्ते भेजा जाएगा।

बिजनौर और मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहनों के लिए हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को निर्धारित रूट से भेजकर यातायात को सुचारु रखा जाए।

Kanwar Yatra 2026: पार्किंग स्थलों पर भी प्रशासन की विशेष नजर

डाक कांवड़ वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हरिद्वार में पार्किंग व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। बैरागी कैंप पार्किंग में बड़ी संख्या में बड़े वाहनों को पार्क कराया गया है। इसके अलावा छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।

दीनदयाल, रोड़ी, पंतद्वीप, गौरीशंकर और गड्ढा पार्किंग में छोटे वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि हाईवे पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न हों और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल किया जाए।

Kanwar Yatra 2026: पुलिस ने संभाला यातायात और सुरक्षा का मोर्चा

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि Kanwar Yatra 2026 के अंतिम चरण में पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। जैसे-जैसे डाक कांवड़ वाहनों की संख्या बढ़ रही है, उसी के अनुरूप यातायात प्रबंधन किया जा रहा है। वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर भेजने के साथ ही भीड़ और यातायात की लगातार निगरानी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों को हाईवे और प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है।

अगले दो दिन महत्वपूर्ण, 10 अगस्त की रात तक चलेगी रवानगी

प्रशासन के अनुसार हरिद्वार में अगले दो दिनों तक डाक कांवड़ियों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। डाक कांवड़ वाहनों की रवानगी 10 अगस्त की रात तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में हाईवे, बॉर्डर और पार्किंग क्षेत्रों में सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशासन ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का पालन करें और यातायात नियमों का उल्लंघन न करें। वाहन चालकों से भी अपील की गई है कि वे पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

Kanwar Yatra 2026: अंतिम चरण में चुनौती बड़ी, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

Kanwar Yatra 2026 का अंतिम चरण प्रशासन के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पैदल कांवड़ियों की भीड़ कम होने के साथ अब तेज गति से चलने वाले डाक कांवड़ वाहनों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में सड़क सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और पार्किंग प्रबंधन को एक साथ संभालना जरूरी हो गया है।

DM और SSP के ग्राउंड निरीक्षण के बाद अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाने और हरिद्वार में यातायात को नियंत्रित रखने पर है।

कुल मिलाकर Kanwar Yatra 2026 अब अंतिम पड़ाव पर है। करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर लौट चुके हैं और अब डाक कांवड़ की रफ्तार बढ़ गई है। आने वाले दो दिन हरिद्वार प्रशासन और पुलिस के लिए सबसे अहम रहने वाले हैं।

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