गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान हंगामा, यूकेडी कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन, कई गिरफ्तार
Ruckus during Assembly session in Gairsain, water cannons used on UKD workers, several arrested
गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए भराड़ीसैंण विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। एक तरफ विधानसभा भवन के भीतर राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा था, वहीं दूसरी ओर बाहर सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग
यूकेडी कार्यकर्ता गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, पहाड़ों से बढ़ते पलायन को रोकने, जंगली जानवरों के हमलों पर नियंत्रण लगाने और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने जैसी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे। पुलिस ने दिवालीखाल के पास सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ते हुए तीन बैरियर तोड़ दिए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के लगातार आगे बढ़ने पर पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। इस दौरान वाटर कैनन चलाया गया और कई जगह पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भराड़ीसैंण विधानसभा से करीब एक किलोमीटर पहले रोक दिया।
सड़क पर बैठकर किया विरोध
विधानसभा तक नहीं पहुंच पाने पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी विधानसभा कूच की मांग पर अड़े रहे, जिससे पुलिस और प्रशासन को उन्हें समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। वाटर कैनन के इस्तेमाल से नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
यूकेडी नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
यूकेडी युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग राज्य आंदोलन की मूल भावना से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के दौरान 42 आंदोलनकारियों ने अपनी जान गंवाई थी, लेकिन आज भी पहाड़ के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और जंगली जानवरों के हमलों से पहाड़ के लोग लगातार परेशान हैं।
वहीं पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहाड़ से चुनाव जीतने वाले कई जनप्रतिनिधि बाद में मैदानों में बस जाते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे पर ठोस फैसला लिया जाए।
सैकड़ों कार्यकर्ता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने यूकेडी नेता आशीष नेगी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए कुछ कार्यकर्ताओं को जंगलचट्टी अस्थायी जेल और कुछ को मेहलचौरी अस्थायी जेल भेजा गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनाव बना रहा, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में होने का दावा किया है।



