उत्तराखंड

अल्मोड़ा पंचायत चुनाव 2025: नामांकन प्रक्रिया समाप्त, अब प्रचार में जुटे उम्मीदवार

Almora Panchayat Elections 2025: Nomination process ends, candidates now busy campaigning

अल्मोड़ा: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। अल्मोड़ा जिले में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। चार दिनों तक चले नामांकन के दौरान जिला भर के खंड विकास और पंचायत कार्यालयों में उम्मीदवारों की भारी भीड़ नजर आई। अब उम्मीदवार घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में वोट मांग रहे हैं।

ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर कम उत्साह

इस बार ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए अपेक्षा के अनुरूप नामांकन नहीं हो पाए हैं। जिले में इस पद के लिए कुल 8,242 सीटें हैं, जबकि केवल 2,542 नामांकन दाखिल हुए हैं। इससे यह साफ है कि इस स्तर पर लोगों की भागीदारी में कमी आई है। इसके विपरीत ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के लिए अधिक उत्साह देखा गया।

कुल नामांकन का आंकड़ा

जिले में ग्राम प्रधान के लिए 1,160, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 391, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 8,242 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 45 पदों पर चुनाव होना है। नामांकन प्रक्रिया के अंत तक कुल 6,883 नामांकन दाखिल किए गए। इनमें ग्राम प्रधान के लिए 2,815, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 1,321 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 205 प्रत्याशी सामने आए हैं।

अंतिम दिन भी दिखी हलचल

नामांकन के अंतिम दिन जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 62 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। इसमें भाजयुमो के पूर्व जिला महामंत्री कमल सिंह बिष्ट ने गोलना करड़िया क्षेत्र से नामांकन किया। वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के प्रतिनिधि भुवन जोशी ने छानी ल्वेशाल सीट से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया।

अब नामांकन पत्रों की जांच और चिन्ह आवंटन की तैयारी

नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब 7 से 9 जुलाई तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 10 और 11 जुलाई को नाम वापसी की प्रक्रिया होगी। अंतिम रूप से चयनित प्रत्याशियों को 14 जुलाई को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे, जिसके बाद चुनाव प्रचार और भी जोर पकड़ लेगा।

ग्रामीण लोकतंत्र की परीक्षा

अल्मोड़ा में पंचायत चुनाव न केवल राजनीतिक दलों की सक्रियता का संकेत हैं, बल्कि यह ग्रामीण लोकतंत्र की मजबूत नींव का भी प्रमाण है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतिम सूची में कौन-कौन से प्रत्याशी चुनावी मैदान में टिकते हैं और किसके सिर जीत का सेहरा बंधता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button