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Uttarakhand Weather Today: पहाड़ों में फिर बदलेगा मौसम, बारिश-ओलावृष्टि और 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट

Uttarakhand Weather Today: Weather set to change again in the hills; alert issued for rain, hailstorms, and strong winds gusting up to 60 km/h.

उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। मई के दूसरे सप्ताह में जहां आमतौर पर मैदानी क्षेत्रों में गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है, वहीं इस बार Uttarakhand Weather Today लोगों को राहत भी दे रहा है और सतर्क रहने की चेतावनी भी। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बारिश, गर्जन, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं, पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम की चुनौती

राज्यभर में पिछले कुछ दिनों से तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में तेज धूप के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से कम दर्ज किया जा रहा है। इसके चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, हालांकि दोपहर के समय हल्की उमस महसूस की जा रही है।

पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों का लगातार डेरा बना हुआ है। दोपहर बाद मौसम तेजी से बदल रहा है और कई स्थानों पर अचानक वर्षा शुरू हो रही है। यही कारण है कि Uttarakhand Weather Today यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज गर्जन, बिजली चमकने, ओलावृष्टि और भारी वर्षा के तीव्र दौर आने की संभावना है।

इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पर्वतीय ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 4500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के आसपास के ऊंचे क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट और आवश्यक दवाइयों के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है। Uttarakhand Weather Today को देखते हुए प्रशासन भी यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी बनाए हुए है।

देहरादून समेत मैदानी जिलों का हाल

राजधानी देहरादून में रविवार को आंशिक बादलों के बीच हल्की धूप खिली रही। मौसम सुहावना रहा और तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देहरादून का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

ऊधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री और न्यूनतम 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मुक्तेश्वर और नई टिहरी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान काफी कम बना हुआ है, जिससे मौसम ठंडा और सुखद महसूस हो रहा है।

किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों

यह बदला हुआ मौसम किसानों के लिए मिश्रित संकेत लेकर आया है। जहां वर्षा से कुछ फसलों को लाभ मिल सकता है, वहीं तेज हवा और ओलावृष्टि गेहूं, फल और सब्जियों को नुकसान पहुंचा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बागवानी क्षेत्रों में सेब, खुबानी और अन्य फलों पर मौसम का प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसान लगातार Uttarakhand Weather Today की जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं।

चारधाम यात्रा पर विशेष असर

उत्तराखंड में इस समय चारधाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी यात्रा प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और खराब मौसम की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रुकें।

अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों तक राज्य में मौसम का यही बदला हुआ स्वरूप बना रह सकता है। पर्वतीय जिलों में रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, Uttarakhand Weather Today गर्मी से राहत देने के साथ-साथ सतर्कता की भी मांग कर रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, किसानों, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेते हुए ही अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

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