चंपावत में बजट-पूर्व संवाद, सीएम धामी बोले- जनभागीदारी से ही बनेगा मजबूत और संतुलित बजट
Pre-budget dialogue in Champawat, CM Dhami said – only public participation will make a strong and balanced budget
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित बजट-पूर्व जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधे संवाद किया। एनएचपीसी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में व्यापार, पर्यटन, कृषि, महिला समूहों, उद्योग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जुड़े लोगों ने अपनी राय और सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य की भावी दिशा तय करने का आधार होता है, इसलिए इसे जनसहभागिता के साथ तैयार किया जा रहा है।
जनसंवाद से नीतियों को मिलेगी जमीनी मजबूती
सीएम धामी ने कहा कि बजट-पूर्व संवाद का उद्देश्य समाज के हर वर्ग की जरूरतों और अपेक्षाओं को समझना है। उन्होंने कहा कि जब नीतियां जनता की भागीदारी से बनती हैं, तो उनका असर जमीन पर साफ दिखाई देता है। सरकार का प्रयास है कि आगामी बजट जनहितकारी, समावेशी और विकासोन्मुख हो, जिससे राज्य के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति पर रखी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में उत्तराखंड के पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिली है। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाती है। अधिकारियों ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
ग्रामीण-शहरी विकास को लेकर सामने आए ठोस सुझाव
संवाद के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पंचायतों को अधिक संसाधन देने, ठोस कचरा प्रबंधन, सीवर और शौचालय निर्माण जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। वहीं शहरी विकास के लिए नगर निकायों के बजट में बढ़ोतरी, सड़कों-नालियों के रखरखाव, सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने और नगर संस्थाओं को अतिरिक्त वित्तीय अधिकार देने की मांग की गई।
कृषि, उद्योग और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
कृषि और उद्यान क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली फसलों और फलों को प्रोत्साहित करने, प्रोसेसिंग सुविधाएं विकसित करने और किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के सुझाव दिए गए। उद्योग क्षेत्र में पर्वतीय इलाकों में स्थानीय रोजगार सृजन, एमएसएमई को सहयोग और सेवा आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण केंद्र, स्वरोजगार योजनाएं और ऋण सुविधाओं को मजबूत करने की बात रखी गई।
2047 तक आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसंवाद में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें आगामी बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम को विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।



