अर्धकुंभ 2027 के लिए हरिद्वार में बनेंगे ग्रीन गंगा घाट, एनएमसीजी ने किया स्थलीय निरीक्षण
Green Ganga ghats will be built in Haridwar for the Ardh Kumbh Mela in 2027; NMCG conducted a site inspection.

हरिद्वार: अर्धकुंभ मेला 2027 को पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। हरिद्वार में प्रस्तावित नए गंगा घाटों के साथ अब ग्रीन गंगा घाट भी विकसित किए जाएंगे। शुक्रवार को नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) की टीम ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। कुंभ मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अर्धकुंभ से जुड़े कई अहम प्रस्ताव एनएमसीजी के समक्ष रखे गए।
वीआईपी और सीसीआर घाट के पास बनेंगे ग्रीन घाट
अधिकारियों के अनुसार अर्धकुंभ 2027 के लिए वीआईपी घाट और सीसीआर घाट के समीप ग्रीन गंगा घाटों का निर्माण किया जाएगा। इन घाटों को पूरी तरह इको-फ्रेंडली मैटीरियल से विकसित किया जाएगा, जिससे गंगा नदी और आसपास के पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। ग्रीन घाटों को हरियाली से युक्त किया जाएगा, ताकि ये पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण प्रदान कर सकें। यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हरिद्वार में शुरू की जाएगी।
देशभर में जाएगा सकारात्मक संदेश: एनएमसीजी
एनएमसीजी के डायरेक्टर धीरज जोशी ने बताया कि अर्धकुंभ मेले को लेकर प्राप्त सभी प्रस्तावों की समीक्षा की जा चुकी है और इन्हें एनएमसीजी को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में भी ग्रीन घाटों का निर्माण किया जा चुका है और अब हरिद्वार में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अर्धकुंभ के दौरान वेस्ट मैनेजमेंट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़े प्रस्तावों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
यूपी सिंचाई विभाग ने तैयार किया प्रोजेक्ट
अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने जानकारी दी कि ग्रीन घाटों का प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट एनएमसीजी को सौंप दिया गया है। इसके अलावा नगर निगम द्वारा कुंभ मेले के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का अलग प्रोजेक्ट भी प्रस्तुत किया गया है। अर्धकुंभ से पहले एसटीपी की क्षमता बढ़ाने को लेकर भी योजनाएं बनाई गई हैं। सभी प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
अमरापुर घाट से शुरू हुआ निर्माण कार्य
फिलहाल अर्धकुंभ मेले की तैयारियों के तहत सबसे पहले नए गंगा घाटों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। अमरापुर घाट से इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है। लगभग ढाई किलोमीटर लंबे नए घाट विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही अब ग्रीन घाटों के निर्माण की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
14 जनवरी 2027 से शुरू होगा अर्धकुंभ
गौरतलब है कि हरिद्वार अर्धकुंभ मेला 14 जनवरी 2027 से प्रारंभ होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बने, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक व्यवस्थाओं का भी उदाहरण प्रस्तुत करे।



