श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ : शिक्षा बनी संस्कार और समाज सेवा का संदेश
Inauguration at Shri Guru Ram Rai University: Education becomes culture and message of social service
देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का दीक्षारंभ समारोह भव्य रूप से आयोजित हुआ। इस अवसर पर नए विद्यार्थियों ने न केवल विश्वविद्यालय की दहलीज़ पर कदम रखा बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि “शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है।”
भव्य स्वागत और प्रेरणादायी शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज़ में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. कुमुद सकलानी, रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गम्भीर और छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. डॉ. मालविका कांडपाल ने संयुक्त रूप से इसे प्रारंभ किया। देशभर से आए विद्यार्थियों का नौ अलग-अलग स्कूलों में प्रवेश हुआ, जिनमें मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, एजुकेशन, योगिक साइंस, एग्रीकल्चर और ह्यूमैनिटीज़ शामिल हैं।
महंत देवेंद्र दास जी का संदेश
विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सच्ची शिक्षा वही है, जो चरित्र निर्माण और समाज सेवा की ओर प्रेरित करे।” उन्होंने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए यह भी कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब उसका उद्देश्य व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ सामाजिक उत्थान भी हो।
कुलपति का प्रेरक संदेश
कुलपति प्रो. डॉ. कुमुद सकलानी ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने और निरंतर परिश्रम के महत्व को समझाया। साथ ही उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सिर्फ अकादमिक उपलब्धियां ही नहीं बल्कि मानवीय मूल्य और जीवन के सिद्धांत भी उतने ही आवश्यक हैं।
तनाव प्रबंधन पर मार्गदर्शन
इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मनोरोग विभागाध्यक्ष एवं प्रो. डॉ. शोभित गर्ग ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान मानसिक दबाव से बचने और तनाव प्रबंधन के टिप्स दिए। छात्रों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों से अवगत कराने के लिए 17 मिनट का विशेष वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया।
सांस्कृतिक रंग और उत्साह
दीक्षारंभ कार्यक्रम में सीनियर छात्रों ने योग पर आधारित नृत्य, नृत्य-नाटिका और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बॉलीवुड, गढ़वाली, पंजाबी और नेपाली गीत-संगीत ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रेया कोटनाला ने किया और अंत में संयोजक प्रो. डॉ. मालविका कांडपाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

