उत्तराखंडराजनीति

CM Dhami Strict Instructions on Projects: विकास कार्यों में सुस्ती पर सीएम धामी का ‘हंटर’ बोले, एसी दफ्तर छोड़ें मंत्री, अब जिलों में होगा काम का हिसाब

CM Dhami Strict Instructions on Projects: CM Dhami's 'hunter' on slowness in development works, said - ministers should leave AC offices, now work will be accounted for in the districts

उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी सौम्य छवि के लिए जाने जाते हैं, लेकिन विकास कार्यों में देरी और विभागीय लापरवाही के मुद्दे पर अब उनका एक अलग ही ‘सख्त’ रूप सामने आया है। हाल ही में कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और आला अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए CM Dhami Strict Instructions on Projects जारी किए हैं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी और परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी मंत्री अपने वातानुकूलित दफ्तरों को छोड़कर अब सीधे जिलों का रुख करें और धरातल पर जाकर योजनाओं की हकीकत को परखें।

फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए काम

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार की छवि केवल विज्ञापनों या फाइलों से नहीं बनती, बल्कि वह जनता के बीच होने वाले वास्तविक कार्यों से झलकती है। CM Dhami Strict Instructions on Projects का मूल मंत्र है—’जवाबदेही और परिणाम’। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली ढिलाई से सरकार की साख पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए अब हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

मंत्रियों को ‘अल्टीमेटम’

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को न केवल जिलों में जाने बल्कि वहां रात्रि प्रवास करने और जनता से सीधा संवाद (Public Outreach) करने का निर्देश दिया है।

  • सीधा संवाद: मंत्रियों को निर्देशित किया गया है कि वे चौपाल लगाएं और स्थानीय जनता की समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर ही निस्तारण करें।

  • क्वालिटी चेक: निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता की जिम्मेदारी अब सीधे संबंधित विभाग के मंत्रियों की होगी। उन्हें नियमित रूप से साइट विजिट करनी होगी।

  • प्रशासनिक सक्रियता: सीएम का मानना है कि जब नेतृत्व स्वयं मैदान में होगा, तो नीचे का प्रशासनिक अमला अपने आप सक्रिय हो जाएगा।

विभागीय खींचतान पर भड़के मुख्यमंत्री

उत्तराखंड में अक्सर देखा जाता है कि एक विभाग सड़क बनाता है और दूसरा विभाग उसे पाइपलाइन के लिए खोद देता है। इस ‘मिस-मैनेजमेंट’ को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में सुधार की बात कही है। CM Dhami Strict Instructions on Projects के तहत उन्होंने PWD, जल संस्थान, ऊर्जा और सिंचाई विभागों को एक साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आपसी समन्वय की कमी से न केवल प्रोजेक्ट लटकते हैं, बल्कि उनकी लागत भी कई गुना बढ़ जाती है। अब बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए ‘ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप’ बनाया जाए ताकि समय-सीमा के भीतर जनता को सुविधाओं का लाभ मिल सके।”

सड़क और पेयजल

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘हर घर नल से जल’ और राज्य की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और पानी पहुँचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो ठेकेदार या इंजीनियर तय समय-सीमा (Deadlines) का पालन नहीं करेंगे, उन पर भारी पेनाल्टी लगाई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाए।

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