धामी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले, 3 नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी, जुए पर सख्त कानून की तैयारी
Dhami cabinet's 5 major decisions, approval for 3 new private universities, preparation for strict law on gambling
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका असर शिक्षा, प्रशासन और कानून व्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों पर पड़ने वाला है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाना, शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देना और विभिन्न वर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले कैबिनेट की एक और बैठक हो सकती है, जिसमें अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई जा सकती है।
अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है। संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत देश में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा का प्रावधान है।
इसी उद्देश्य से उत्तराखंड में वर्ष 2002 में अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया था, ताकि मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदायों के अधिकारों की रक्षा की जा सके और उनके सामाजिक व आर्थिक विकास को गति मिल सके। समय के साथ आयोग की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें कई बार संशोधन किए गए हैं। नया संशोधन भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण का प्रावधान
मंत्रिमंडल ने राज्य की सेवाओं में पूर्व सैनिकों को आरक्षण से जुड़े एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा—शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1993 में संशोधन किया जाएगा।
सरकार ने कार्मिक विभाग द्वारा 22 मई 2020 को जारी शासनादेश के एक प्रावधान को अब कानून का रूप देने का फैसला किया है। इससे पूर्व सैनिकों को राज्य की सरकारी सेवाओं में आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम सेना से सेवानिवृत्त जवानों के सम्मान और पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण है।
भाषा संस्थान संशोधन विधेयक को भी स्वीकृति
कैबिनेट ने उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे भाषा संस्थान की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उत्तराखंड में हिंदी के साथ-साथ कई क्षेत्रीय भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, जिनके संरक्षण और विकास के लिए भाषा संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार का उद्देश्य इन भाषाओं के अध्ययन और शोध को बढ़ावा देना है।
तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी देते हुए राज्य में तीन नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दे दी है।
इनमें नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय, जबकि देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन विश्वविद्यालयों के शुरू होने से राज्य में उच्च शिक्षा के नए अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
द्यूत रोकथाम विधेयक को कैबिनेट की हरी झंडी
कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026 को भी मंजूरी दे दी है। यह कदम ब्रिटिश काल के सार्वजनिक द्यूत अधिनियम 1867 को समाप्त कर नए कानून को लागू करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नए विधेयक के तहत सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने, द्यूत घर चलाने और खेलों में सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कड़े प्रावधान किए जाएंगे। इसके साथ ही ऐसे मामलों में सख्त दंड का प्रावधान भी रखा जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों के जरिए राज्य में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

