उत्तराखंड

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026, उत्तराखंड के 76 युवा करेंगे राष्ट्रीय मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन

Developed India Young Leaders Dialogue-2026, 76 young people from Uttarakhand will showcase their talent on the national stage.

देहरादून। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर हर वर्ष मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर इस बार एक बड़े राष्ट्रीय आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है देश। 9 से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य के 76 युवा प्रतिभागी गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दल को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने राजभवन से फ्लैग ऑफ कर शुभकामनाओं के साथ विदा किया।

कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए प्रतिभागी

इस राष्ट्रीय आयोजन में भाग लेने वाले उत्तराखंड के युवाओं का चयन विभिन्न चरणों में हुई प्रतियोगिताओं के बाद किया गया है। सांस्कृतिक विधाओं के अंतर्गत क्षेत्र पंचायत और जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें सफल प्रतिभागियों ने राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में हिस्सा लिया। इसके बाद चयनित 24 युवा सांस्कृतिक विधाओं में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बौद्धिक विधाओं में 42 युवाओं का चयन

बौद्धिक विधाओं के तहत चयन प्रक्रिया को हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किया गया। विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद 3 और 4 जनवरी 2026 को राज्य स्तर पर पीपीटी प्रस्तुति और लीडरशिप असेसमेंट आयोजित हुआ। इस प्रक्रिया में भारत सरकार के पर्यवेक्षक की मौजूदगी में 42 प्रतिभागियों का चयन किया गया, जो अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

राज्यपाल ने युवाओं को दिया नेतृत्व का मंत्र

इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि भारत का युवा केवल जनसांख्यिकीय लाभ नहीं, बल्कि देश को आगे बढ़ाने वाली एक सशक्त शक्ति है। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य स्पष्ट करने, अपने मिशन को समझने और दैनिक अनुभवों को डायरी में लिखने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व वही होता है जो केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित के बारे में सोचता है।

उत्तराखंड की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर ले जाने का आह्वान

राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि उन्हें जो अवसर मिला है, उसका भरपूर लाभ उठाएं और वहां से मिले अनुभवों को अपने साथियों और समाज के साथ साझा करें। उन्होंने उत्तराखंड को आध्यात्म, योग, संस्कृति और जैव विविधता की भूमि बताते हुए कहा कि यहां की परंपराएं और मूल्य देश ही नहीं, दुनिया में अलग पहचान रखते हैं। युवाओं को भी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनानी चाहिए।

तकनीक और कौशल पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2026 तकनीक और नवाचार का वर्ष होने जा रहा है। ऐसे में युवाओं को स्वयं को स्किल्ड बनाना होगा और अपनी सोच को व्यापक करना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है और इसके लिए जरूरी है कि युवा आत्मविश्वास, कौशल और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड की उम्मीदें

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026 में भाग लेने जा रहे ये युवा न केवल अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, बौद्धिक और नेतृत्व क्षमता को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। इस आयोजन से युवाओं को सीखने, नेटवर्क बनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

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