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Delhi-Dehradun Expressway: मात्र ढाई घंटे में तय होगा दिल्ली का सफर, जानें इस ‘ग्रीन कॉरिडोर’ की 5 बड़ी बातें!

Delhi-Dehradun Expressway: The journey to Delhi will take just two and a half hours, learn 5 important things about this 'green corridor'.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और देश की राजधानी दिल्ली के बीच का सफर अब किसी सुखद सपने से कम नहीं होगा। करीब 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यात्री महज 2.5 घंटे में दिल्ली पहुँच सकेंगे। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 6 से 7 घंटे का समय लगता है। Delhi-Dehradun Expressway न केवल कनेक्टिविटी सुधारेगा बल्कि पर्यटन और व्यापार के नए द्वार भी खोलेगा।

1. एशिया का सबसे लंबा ‘वाइल्डलाइफ कॉरिडोर’

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खूबी इसका 12 किलोमीटर लंबा गणेशपुर-डाटकाली एलिवेटेड रोड है। इसे एशिया का सबसे लंबा ‘वाइल्डलाइफ कॉरिडोर’ (WildLife Corridor) माना जा रहा है। राजाजी नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरने वाला यह हिस्सा वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। एलिवेटेड होने के कारण जानवर नीचे से बिना किसी बाधा के आ-जा सकेंगे।

2. डाट काली मंदिर के पास आधुनिक सुरंग

परियोजना में डाट काली मंदिर के पास करीब 340 मीटर लंबी सुरंग (Tunnel) का निर्माण किया गया है। यह सुरंग न केवल सफर को आसान बनाएगी बल्कि मंदिर के आसपास की धार्मिक और प्राकृतिक सुदंरता को भी बरकरार रखेगी।

3. बजट और बुनियादी ढांचा

Delhi-Dehradun Expressway के निर्माण पर लगभग 11,970 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस 6-लेन (भविष्य में 8-लेन विस्तार योग्य) कॉरिडोर में सुरक्षा और सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है:

  • अंडरपास और ब्रिज: यहाँ 110 वाहन अंडरपास और 5 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए गए हैं।

  • एग्जिट और एंट्री: पूरे रूट पर 16 एग्जिट और एंट्री पॉइंट्स दिए गए हैं।

  • रफ्तार: इस एक्सप्रेसवे पर कारों की अधिकतम रफ्तार 100 किमी/घंटा निर्धारित की गई है।

4. इन शहरों को मिलेगा सीधा फायदा

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई शहरों को आपस में जोड़ेगा। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर यह बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर से होते हुए देहरादून पहुँचेगा। इसके अलावा सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, नोएडा, चंडीगढ़ और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा से आने वाले पर्यटकों के लिए भी देहरादून की राह आसान हो जाएगी।

5. पर्यटन और अर्थव्यवस्था को रफ्तार

14 अप्रैल को उद्घाटन के बाद उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र में बड़ी क्रांति आने की उम्मीद है। मसूरी, ऋषिकेश और चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग किसी वरदान से कम नहीं होगा। कम समय लगने के कारण फल, सब्जी और अन्य पहाड़ी उत्पादों की दिल्ली के बाजारों तक पहुँच भी तेज होगी।

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