उत्तराखंड

हरिद्वार में अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, विकास और नागरिकता मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

Amit Shah launches scathing attack on Congress in Haridwar, cornering opposition on development and citizenship issues

हरिद्वार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर जोरदार हमला बोला। उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा।

अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और उत्तराखंड भी इस विकास यात्रा का अहम हिस्सा बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बुनियादी ढांचे, सीमांत क्षेत्रों और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

उत्तराखंड आंदोलन को किया याद

अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत उत्तराखंड राज्य के गठन के संघर्ष को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब उत्तराखंड के लोग अलग राज्य की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे और अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में सत्ता में रही सरकारों ने आंदोलनकारियों की आवाज को दबाने की कोशिश की थी। शाह ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने लंबे संघर्ष के बाद अपना अलग राज्य हासिल किया और आज यह राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अटल बिहारी वाजपेयी को दिया श्रेय

गृह मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय देते हुए कहा कि जब छोटे राज्यों के निर्माण का मुद्दा सामने आया था, तब कई लोगों ने इसका विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि उस समय यह तर्क दिया गया था कि छोटे राज्य आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो पाएंगे, लेकिन अटल जी के नेतृत्व में उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन हुआ और आज ये राज्य विकास के नए उदाहरण बन रहे हैं।

युवाओं को मिल रही नौकरियां

अपने संबोधन में अमित शाह ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लगभग 1900 युवाओं को पुलिस आरक्षी के रूप में नियुक्ति दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियों में सिफारिश और रिश्वत जैसी पुरानी परंपराएं खत्म हो चुकी हैं। युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं, जो पारदर्शी शासन व्यवस्था का संकेत है।

नागरिकता कानून पर विपक्ष को घेरा

शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के मुद्दे पर भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए कई लोगों को भारत की नागरिकता दी गई है, क्योंकि वे अपने धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए भारत आए थे।

उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों को नागरिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें वर्षों तक यह अधिकार नहीं मिल पाया था। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति कर रहा है।

घुसपैठ और अतिक्रमण पर सख्ती

गृह मंत्री ने घुसपैठ और अतिक्रमण के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में हजारों अवैध अतिक्रमण हटाए गए हैं और सरकार इस अभियान को आगे भी जारी रखेगी। शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सीमांत गांवों के विकास पर जोर

अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को “देश के पहले गांव” का दर्जा दिया है।

उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को बेहतर जीवन मिल सके और पलायन को रोका जा सके।

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