उत्तराखंड

Uttarakhand CM Dhami: उत्तरकाशी में भागवत कथा में पहुंचे सीएम धामी, बोले मोदी काल में सनातन को मिला नया गौरव

Uttarakhand CM Dhami: Uttarakhand CM Dhami: CM Dhami attends Bhagwat Katha in Uttarkashi, states that Sanatan Dharma has attained new glory during the Modi era.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम उस समय विशेष बन गया जब मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami स्वयं इसमें शामिल होने पहुंचे। बड़कोट तहसील के नगाण गांव में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने न केवल कथा श्रवण किया, बल्कि सनातन धर्म की महत्ता पर भी विस्तार से अपने विचार रखे।

सीएम धामी ने कहा कि भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने इसे केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का माध्यम बताया।

‘मोदी काल में सनातन धर्म का स्वर्णिम दौर’

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सनातन धर्म को नया सम्मान और पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को गर्व के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक स्थलों के विकास, सांस्कृतिक आयोजनों और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं, जिसका असर समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर जोर

सीएम धामी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी अपनी सरकार की नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कड़े कानूनों के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज में शांति, सौहार्द और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखना है। उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक राज्य में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यहां की परंपराओं और मूल्यों की रक्षा की जाए।

बारिश और ओलावृष्टि के बीच कार्यक्रम में पहुंचे सीएम

कार्यक्रम के दौरान मौसम ने भी करवट ली, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश और ओलावृष्टि के बीच वे नगाण गांव पहुंचे और पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे।

उनकी इस उपस्थिति को स्थानीय लोगों ने काफी सराहा। ग्रामीणों ने इसे अपने क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश

सीएम धामी ने अपने संबोधन में श्रीमद् भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि इसके श्रवण से व्यक्ति के भीतर विवेक और ज्ञान का विकास होता है।

उन्होंने कहा कि यह कथा न केवल आत्मिक शांति देती है, बल्कि व्यक्ति को जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से पितरों को भी शांति मिलती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

ग्राम विकास को लेकर की घोषणाएं

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दिया। नगाण गांव के ग्राम प्रधान की मांग पर उन्होंने गांव में बरातघर निर्माण का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसी छोटी-छोटी सुविधाएं भी लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मनवीर सिंह चौहान के परिवार का उल्लेख

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के परिवार का भी जिक्र हुआ। सीएम धामी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार और संगठन के प्रति समर्पण दिखाना प्रेरणादायक है।

उन्होंने बताया कि जब केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव चल रहा था, उस समय भी मनवीर सिंह चौहान की पत्नी ने अपनी बीमारी के बावजूद उन्हें कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित किया। यह उनके साहस और समर्पण का उदाहरण है।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी गरिमा

इस धार्मिक आयोजन में कई प्रमुख नेता और अधिकारी भी उपस्थित रहे। पूर्व मुख्यमंत्री Ramesh Pokhriyal Nishank ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।

निशंक ने यमुनाघाटी से अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि यह क्षेत्र हमेशा से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध रहा है। उन्होंने मनवीर सिंह चौहान के साथ अपने लंबे जुड़ाव का भी जिक्र किया।

समाज और संस्कृति को जोड़ने का माध्यम बने आयोजन

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने इस आयोजन को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बताया।

इस तरह के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और एकजुटता को बढ़ावा मिलता है। उत्तराखंड जैसे देवभूमि में इन आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहां आस्था और परंपरा लोगों के जीवन का अहम हिस्सा है।

निष्कर्ष: आस्था और विकास का संतुलन

उत्तरकाशी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि आस्था, संस्कृति और विकास के संगम का उदाहरण बनकर सामने आया।

मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति और उनके संदेश ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार धार्मिक मूल्यों को संरक्षित करते हुए विकास की राह पर आगे बढ़ रही है। “Uttarakhand CM Dhami Bhagwat Katha” जैसे आयोजन भविष्य में भी समाज को दिशा देने का कार्य करते रहेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button