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उत्तराखंड का 24वां स्थापना दिवस सादगी से मनाया गया, स्वच्छता अभियान और नई योजनाओं की हुई शुरुआत

Uttarakhand's 24th foundation day was celebrated with simplicity, cleanliness campaign and new schemes were started

देहरादून: उत्तराखंड के 24वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार ने इस दिन को सादगी और सेवा के साथ मनाने का निर्णय लिया। राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें स्वच्छता और सेवा का विशेष महत्व रहा। 7 नवंबर को प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद, 8 नवंबर को प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। देहरादून के रेस कोर्स में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने देहरादून नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए बनाए गए क्यूआर स्कैनर का शुभारंभ भी किया।

देहरादून नगर निगम द्वारा तैयार किए गए इस क्यूआर स्कैनर का उद्देश्य शहर में स्ट्रीट लाइट्स से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान करना है। शहर में लगने वाले स्ट्रीट लाइट पोल्स पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि नागरिक आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। इस नई व्यवस्था से दिन में जलती हुई स्ट्रीट लाइट्स और रात के समय बंद होने वाली लाइट्स जैसी समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अल्मोड़ा के मारचूला में हुए बस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की याद में प्रदेशभर में स्वच्छता और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान से देशभर में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वच्छ और स्वस्थ भारत’ के सपने को साकार करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को पर्यटन और तीर्थाटन के केंद्र के रूप में देखते हुए प्रदेशवासियों से स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 24 वर्षों में उत्तराखंड ने हर क्षेत्र में तरक्की की है, और अब राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए सरकार अल्पकालिक, मध्यमकालिक, और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य जनसहभागिता से उत्तराखंड को विकास के नए पायदान पर ले जाना है, ताकि देवभूमि की सुंदरता और स्वच्छता को बरकरार रखा जा सके।

स्वच्छता और सेवा के माध्यम से मनाए गए इस स्थापना दिवस ने उत्तराखंड की जनता को एकजुट होकर प्रदेश को स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध बनाने के प्रति प्रेरित किया।

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