उत्तराखंड

Char Dham Yatra Traffic: बदरी-केदार मार्ग पर बढ़ी भीड़, श्रीनगर में रातभर रोके जाएंगे यात्री वाहन

Char Dham Yatra Traffic: Crowds Swell on Badrinath-Kedarnath Route; Passenger Vehicles to be Halted Overnight in Srinagar.

उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। खासकर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों और यात्री बसों के दबाव के कारण कई स्थानों पर लंबा जाम लग रहा है। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने नया Char Dham Yatra Traffic Management प्लान लागू किया है।

नई व्यवस्था के तहत अब रात 10 बजे के बाद श्रीनगर से बदरीनाथ और केदारनाथ की ओर जाने वाले यात्री वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। इन वाहनों को सुबह 4 बजे तक श्रीनगर में ही रोका जाएगा। इसके बाद ही यात्रियों को अगले पड़ावों की ओर रवाना होने की अनुमति मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से रात के समय लगने वाले जाम को कम करने और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

बदरी-केदार मार्ग पर सबसे ज्यादा दबाव

चारधाम यात्रा में इस समय सबसे अधिक भीड़ बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में देखने को मिल रही है। प्रतिदिन करीब 50 से 60 हजार श्रद्धालु इन दोनों धामों की यात्रा कर रहे हैं। चूंकि दोनों धामों का मुख्य मार्ग श्रीनगर से होकर गुजरता है, इसलिए यहां यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि यात्रियों को कई बार 10 से 12 घंटे तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को रात वाहन में ही बितानी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वाहनों की संख्या बढ़ने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

रात में श्रीनगर में ही रोके जाएंगे वाहन

मंगलवार रात प्रशासन ने नए ट्रैफिक प्लान को लागू करते हुए बाजार चौकी के पास बैरियर लगाकर कई यात्री वाहनों को श्रीनगर में ही रोक दिया।

तहसीलदार दीपक भंडारी ने बताया कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक केवल आवश्यक मालवाहक वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे रात में यात्रा करने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रुकें।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार पौड़ी चुंगी, श्रीनगर चौकी और फरासू के पास भी बैरियर लगाए गए हैं ताकि यातायात को नियंत्रित किया जा सके।

सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई

प्रशासन ने जाम की सबसे बड़ी वजह सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों को माना है। इसी को देखते हुए पुलिस ने नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है।

गोपेश्वर और बदरीनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर क्रेन की मदद से वाहनों को हटाया जा रहा है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी लगातार जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्री निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करेंगे तो जाम की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।

गंगोत्री हाईवे पर भी लगा लंबा जाम

चारधाम यात्रा के दौरान केवल बदरीनाथ और केदारनाथ मार्ग ही नहीं, बल्कि गंगोत्री हाईवे पर भी यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है।

भटवाड़ी क्षेत्र में बुधवार सुबह चड़ेथी से मल्ला तक करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह सात बजे शुरू हुआ यह जाम लगभग ढाई घंटे बाद खुल पाया। इस दौरान तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस ने हाईवे किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया और पांच लोगों पर दस-दस हजार रुपये का चालान किया गया।

व्यापारियों को भी दिख रही राहत की उम्मीद

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि रात में वाहनों की आवाजाही सीमित करने से शहर में व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को रुकने की सुविधा मिलने से स्थानीय कारोबार को भी फायदा पहुंचेगा।

व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल ने कहा कि लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण शहर में अव्यवस्था बढ़ रही थी। रात में यात्री रुकेंगे तो होटल, ढाबे और अन्य व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।

चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को चारों धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

बुधवार को चारधाम पहुंचे यात्रियों की संख्या

  • यमुनोत्री – 11,217
  • गंगोत्री – 15,816
  • केदारनाथ – 25,703
  • बदरीनाथ – 25,488

इन आंकड़ों से साफ है कि आने वाले दिनों में यात्रा मार्गों पर दबाव और बढ़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर लें।

सुरक्षित और सुचारु यात्रा

प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी हुई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ट्रैफिक को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि श्रद्धालु प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित समय में यात्रा करें, तो जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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