शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1300 से ज्यादा अंक टूटा, निफ्टी भी लुढ़का
Stock market falls sharply, Sensex loses over 1,300 points, Nifty also falls
सप्ताह की शुरुआत निवेशकों के लिए रही निराशाजनक
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह का पहला कारोबारी दिन बेहद निराशाजनक रहा। सोमवार को दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव इतना अधिक रहा कि बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर के कारोबार में निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की, जिसके चलते बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा और बाजार पूंजीकरण में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान कई प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार में नकारात्मक रुझान बना रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
दिन के अंत में BSE Sensex 1,352.74 अंक यानी करीब 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 भी 422.40 अंक यानी 1.73 प्रतिशत टूटकर 24,028.05 के स्तर पर आ गया।
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी। शुरुआती घंटों में हल्की गिरावट के बाद दोपहर के सत्र में बिकवाली और तेज हो गई, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लगातार नीचे फिसलते गए। दिन के अंतिम घंटे में दबाव और बढ़ गया और बाजार भारी नुकसान के साथ बंद हुआ।
कई सेक्टरों में दिखा दबाव
सोमवार के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। इन सेक्टरों के कई बड़े शेयरों में गिरावट के कारण बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्कता जैसे कारकों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। इसके अलावा निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली भी की, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा असर
बाजार में आई इस तेज गिरावट का असर सीधे निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण बाजार पूंजीकरण में भी भारी कमी दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि हाल के हफ्तों में बाजार ने मजबूत तेजी दिखाई थी, ऐसे में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि मौजूदा गिरावट ने अल्पकालिक निवेशकों को चिंता में डाल दिया है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता लौटती है तो भारतीय शेयर बाजार में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच संयम बनाए रखें और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ निवेश करें। सोमवार की गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि बाजार में तेजी के साथ-साथ जोखिम भी उतना ही मौजूद रहता है।



