उत्तराखंड

रोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर, उत्तराखंड की एकल महिलाओं के लिए खुला नया आर्थिक रास्ता

From employment to self-reliance: A new economic path opens for single women in Uttarakhand.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य में पहली बार शुरू की गई एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत चयनित महिलाओं को फरवरी के पहले सप्ताह से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जो पारिवारिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण अकेले जीवनयापन कर रही हैं और रोजगार के सीमित अवसरों से जूझ रही हैं।

राज्य सरकार का मानना है कि आर्थिक सशक्तिकरण के बिना सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास की कल्पना अधूरी है। इसी सोच के साथ एकल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल की गई है, ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर स्थायी आमदनी का स्रोत विकसित कर सकें।

सचिवालय में हुई योजनाओं की समीक्षा

सोमवार को सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।

504 एकल महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

बैठक में जानकारी दी गई कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि छोटे व्यवसाय, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, दुकान या अन्य स्थानीय रोजगार गतिविधियों के लिए उपयोग की जा सकेगी।

इसके अलावा दो जिलों में 331 पात्र महिलाओं की सूची अभी प्रक्रिया में है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कर इन महिलाओं को भी योजना से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रह जाए।

नंदा गौरा योजना के लाभार्थियों को भी राहत

बैठक में नंदा गौरा योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश के 11 जिलों में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राओं और नवजात बालिकाओं की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। फरवरी के पहले सप्ताह में इन लाभार्थियों को धनराशि प्रदान करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शेष जिलों की सूची को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और वृद्ध महिलाओं पर भी फोकस

सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कल्याण को लेकर भी राहत भरा फैसला लिया है। 1 अप्रैल से सेवा निवृत्त होने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही, वृद्ध महिलाओं के लिए एक नई योजना तैयार की जा रही है, जिसके लिए गांव-गांव जाकर सर्वे किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम

इन पहलों से साफ है कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। एकल महिलाओं के लिए शुरू की गई स्वरोजगार योजना न केवल आर्थिक मदद देगी, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन की ओर भी आगे बढ़ाएगी।

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