Badrinath News: बदरीनाथ में BKTC कर्मचारियों का क्रमिक अनशन शुरू, समान वेतन और वन टाइम सेटलमेंट की मांग
BKTC employees begin a relay hunger strike in Badrinath, demanding equal pay and a one-time settlement

रोजाना दो घंटे कर रहे हैं क्रमिक अनशन
अस्थायी कर्मचारियों ने फिलहाल एक सप्ताह तक शांतिपूर्ण ढंग से क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार पर बैठ रहे हैं।
आंदोलन शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने BKTC के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी दी थी। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
15 से 20 साल से दे रहे हैं सेवाएं
मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों के अनुसार, उनमें से कई कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से बदरीनाथ, केदारनाथ और समिति के अधीन आने वाले अन्य मंदिरों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद नियमितीकरण और वेतन से जुड़े मुद्दे अब तक लंबित हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी उन्हें नौकरी की स्थिरता और वेतन संबंधी अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा का दिया हवाला
कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में 11 अक्टूबर 2024 को अगस्त्यमुनि में हुई घोषणा का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट और समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था करने की घोषणा की थी।
कर्मचारियों का आरोप है कि घोषणा के बावजूद इन मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि घोषित व्यवस्था को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाते हैं, तो लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल सकता है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनका आंदोलन एक सप्ताह तक दो घंटे के क्रमिक अनशन के रूप में जारी रहेगा। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने पर विचार करेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद BKTC प्रबंधन और शासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। अब यह देखना होगा कि मंदिर समिति और संबंधित अधिकारी आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर क्या कदम उठाते हैं।
