उत्तराखंड

Dhami Cabinet Decisions: हरिद्वार में धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले, अग्निवीरों को भर्ती में छूट से लेकर बाल वीरता पुरस्कार तक

13 major decisions of the Dhami cabinet in Haridwar, from exemption in recruitment for Agniveers to Child Bravery Award

हरिद्वार: उत्तराखंड की धामी सरकार ने सोमवार को हरिद्वार में पहली बार कैबिनेट बैठक की। बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने हर की पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना की। बैठक में राज्य के विकास, निवेश, रोजगार, आपदा प्रबंधन और बच्चों के सम्मान से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इन फैसलों में सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में छूट देने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नियमन और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को स्वीकृति देना प्रमुख है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में राहत

Dhami Cabinet Decisions में सबसे अहम फैसला सेवामुक्त अग्निवीरों से जुड़ा है। कैबिनेट ने समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर उनके सेवायोजन के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे पूर्व सैनिकों के लिए राज्य की सेवाओं में अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

निवेश और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास अधिनियम, 2023 की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत परिसंपत्तियों के विनिवेश और मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की अनुमति दी गई। इसका उद्देश्य छोटे अपराधों और प्रक्रियात्मक गलतियों से जुड़े प्रावधानों को सरल बनाना तथा कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।

बाढ़ प्रबंधन और अग्निशमन सेवाओं पर जोर

राज्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके जरिए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने की व्यवस्था मजबूत होगी।

कैबिनेट ने उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की भी स्वीकृति दी। इसका उद्देश्य बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों और आग से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना के तहत असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना दिखाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करना और दूसरों के लिए प्रेरणा बनाना है।

इसके साथ ही हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी मिली। संस्थान में योग, आयुर्वेद, ज्योतिष, भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़े केंद्र विकसित करने की योजना है।

215 पदों की निरंतरता और आवास परियोजना को राहत

कैबिनेट ने स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी। हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र में किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में भी तीन मीटर की शिथिलता दी गई।

इसके अलावा, संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से जुड़े प्रावधानों में संशोधन और ऊधम सिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन के शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दी गई। विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र की तारीख और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।

इन फैसलों के जरिए धामी सरकार ने रोजगार, निवेश, आपदा प्रबंधन, आवास और सांस्कृतिक विकास से जुड़े मुद्दों पर कदम बढ़ाए हैं। इनका वास्तविक असर संबंधित नियमों के क्रियान्वयन और योजनाओं की प्रगति से स्पष्ट होगा।

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