कैंची धाम जाने से पहले कराना पड़ सकता है रजिस्ट्रेशन, पर्यटकों की संख्या तय करने की तैयारी तेज
Registration may be required before visiting Kainchi Dham; preparations are underway to determine the number of tourists.
कैंची धाम में पिछले कुछ समय से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ा है। पार्किंग की कमी के कारण पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और क्षेत्र की व्यवस्थाएं भी सुचारु बनी रहें।
पर्यटकों की संख्या और पार्किंग व्यवस्था का आकलन
कैंची धाम की धारण क्षमता निर्धारित करने के लिए पर्यटन विभाग ने जिला प्रशासन के सहयोग से अध्ययन कराया। इसमें यहां पहुंचने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या, आने वाले वाहनों, पार्किंग की उपलब्धता और ठहरने की सुविधाओं का आकलन किया गया है।
इन आंकड़ों के आधार पर यह तय करने की तैयारी है कि एक निश्चित अवधि में कितने लोगों को कैंची धाम आने की अनुमति दी जा सकती है। इसका उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित करना और उपलब्ध संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
जाम से स्थानीय लोगों को भी परेशानी
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर आसपास के यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। अधिक वाहनों के पहुंचने से जाम की स्थिति बनती है। पार्किंग की सीमित व्यवस्था के कारण लोगों को वाहन खड़े करने में भी दिक्कत होती है।
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या के अनुपात में पार्किंग की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। प्रशासन का प्रयास है कि पर्यटकों को सुविधाएं देने के साथ यातायात संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया जाए। इसी उद्देश्य से धारण क्षमता का अध्ययन कराया गया है।
प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था पर चल रहा काम
कैंची धाम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही पंजीकरण आधारित व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। अब अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर प्री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इससे प्रशासन को पहले से जानकारी मिल सकेगी कि किसी दिन कितने श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच सकते हैं।
हालांकि, पंजीकरण कब से अनिवार्य होगा और एक दिन में कितने लोगों को आने की अनुमति मिलेगी, इस संबंध में अंतिम निर्णय होना बाकी है। शासन और पर्यटन विभाग की ओर से औपचारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
जल्द हो सकता है बड़ा फैसला
कैंची धाम की धारण क्षमता तय होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। इससे पार्किंग, यातायात और अन्य सुविधाओं की योजना बनाने में भी प्रशासन को आसानी होगी।
फिलहाल अध्ययन रिपोर्ट शासन के पास भेजी जा चुकी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले फैसले पर हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर कैंची धाम जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले पंजीकरण संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेनी पड़ सकती है।

