उत्तराखंड

Eco-Warrior Award 2026: IFS अधिकारी धर्म सिंह मीणा के मॉडल से हेवल नदी को मिला नया जीवन

Haval River gets a new lease of life thanks to IFS officer Dharam Singh Meena's model

देहरादून: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हेवल नदी और उसके जलागम क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में किए गए काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उत्तराखंड कैडर के 2009 बैच के IFS अधिकारी धर्म सिंह मीणा को उनके अभिनव नदी पुनर्जीवन मॉडल के लिए Eco-Warrior Award 2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

नदी के साथ पूरे जलागम क्षेत्र पर किया गया काम

धर्म सिंह मीणा की पहल में नदी को केवल एक जलधारा के रूप में देखने के बजाय उसके पूरे कैचमेंट एरिया को ध्यान में रखा गया। इस मॉडल में जंगलों, जलस्रोतों, छोटी धाराओं, रिचार्ज जोन और स्थानीय समुदायों को एक-दूसरे से जोड़कर काम किया गया। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को अधिक से अधिक समय तक क्षेत्र में रोकना और प्राकृतिक जलस्रोतों को दोबारा सक्रिय करना था।

टिहरी गढ़वाल में इस पहल के तहत 126 स्प्रिंग, 28 स्ट्रीम और 16 रिचार्ज जोन पर काम किया गया। इसके अलावा बड़े स्तर पर जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण भी किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, क्षेत्र में 1.58 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाई गईं और 20.62 लाख पौधों का रोपण किया गया।

सूखते जलस्रोतों को बचाने की कोशिश

पहाड़ी क्षेत्रों में कई प्राकृतिक जलस्रोत और छोटी धाराएं धीरे-धीरे कमजोर होती गई हैं। इसका असर स्थानीय आबादी के साथ-साथ नदियों के प्रवाह पर भी पड़ता है। हेवल नदी क्षेत्र में भी जलस्रोतों के सूखने का संकट सामने आया था। ऐसे में नदी के बहाव को बनाए रखने के लिए उसके उद्गम और आसपास के जलागम क्षेत्र पर काम करने की रणनीति अपनाई गई।

इस पहल में जल संरक्षण संरचनाओं के साथ वन क्षेत्र को मजबूत करने और रिचार्ज जोन विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया। इससे वर्षा जल को जमीन के भीतर पहुंचाने और प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने की दिशा में काम हुआ।

जंगल, पानी और समुदाय को जोड़ा गया

हेवल नदी पुनर्जीवन मॉडल की एक प्रमुख विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी रही। नदी और जलस्रोतों को बचाने के लिए केवल सरकारी स्तर पर काम करने के बजाय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और लोगों की भागीदारी को भी मॉडल का हिस्सा बनाया गया।

वन क्षेत्र में पौधरोपण से लेकर जल संरक्षण संरचनाओं तक कई स्तरों पर काम को एक साथ आगे बढ़ाया गया। यही वजह है कि इस पहल को एक समग्र पर्यावरणीय मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

Eco-Warrior Award से बढ़ी पहचान

हेवल नदी पुनर्जीवन और वैज्ञानिक वन प्रबंधन से जुड़े इस प्रयास के लिए धर्म सिंह मीणा को मिला Eco-Warrior Award 2026 उत्तराखंड के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पहल बताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में नदी संरक्षण के लिए केवल नदी के किनारे काम करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जंगल, जलस्रोत, भूजल रिचार्ज और स्थानीय समुदायों को एक साथ लेकर चलना जरूरी है।

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