Uttarakhand Rain: पूरे प्रदेश में बारिश का दौर, Rudraprayag में स्कूल बंद; Alaknanda और Mandakini उफान पर
Uttarakhand Rain: Rainfall across the state; schools closed in Rudraprayag; Alaknanda and Mandakini rivers in spate.
Uttarakhand Rain: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर जारी है और कई इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। Uttarakhand Rain के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश के मद्देनजर कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी लिया गया है।
Uttarakhand Rain: नदियां उफान पर
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तराखंड की नदियों पर दिखाई दे रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया, जबकि मंदाकिनी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बहती दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक अलकनंदा नदी रुद्रप्रयाग में 627 मीटर के खतरे के स्तर पर पहुंच गई थी और जलस्तर बढ़ रहा था। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 626.20 मीटर दर्ज किया गया, जो उसके 626 मीटर के खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर था।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। लाउडस्पीकर के माध्यम से भी संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को चेतावनी देने के निर्देश दिए गए हैं।
Rudraprayag में स्कूलों पर लगा ब्रेक
भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए रुद्रप्रयाग सहित संवेदनशील जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम की गंभीर स्थिति में स्कूलों का संचालन रोकना जरूरी है।
इससे पहले भारी बारिश के दौरान देहरादून, चमोली और बागेश्वर में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखने का आदेश भी जारी किया गया था। प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया था।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल खुलने या बंद रहने से जुड़ी जानकारी के लिए जिला प्रशासन और संबंधित शिक्षण संस्थान की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
Uttarakhand Rain: Dehradun में भी जमकर बरसे बादल
राजधानी देहरादून में भी भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने के साथ यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने देहरादून समेत कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
भारी बारिश के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में नालियों और बरसाती नालों में पानी का प्रवाह बढ़ने का खतरा रहता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने और संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।
पहाड़ों में भूस्खलन से सड़कें प्रभावित
Uttarakhand Rain का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है और सड़क खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक भारी बारिश के दौरान यमुनोत्री नेशनल हाईवे सहित कई मार्ग मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हुए। रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर भी कुछ स्थानों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ।
पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
Uttarakhand Rain: प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा कर सभी संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने और घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
नदी किनारे जाने से बचने की अपील
अलकनंदा और मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और तीर्थयात्रियों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है। बारिश के दौरान पहाड़ों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में सामान्य दिखाई देने वाली नदी भी कुछ ही समय में खतरनाक रूप ले सकती है।
SDRF की ओर से भी लोगों को बारिश के दौरान नदी किनारे, झरनों और बरसाती धाराओं के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पर्यटकों और ट्रेकिंग पर जाने वाले लोगों से मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही योजना बनाने को कहा गया है।
चारधाम यात्रा और यात्रियों पर भी असर
उत्तराखंड में भारी बारिश का असर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही पर भी पड़ता है। भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने पर यात्रियों को रास्ते में रुकना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से मौसम और सड़क की स्थिति सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
खासकर केदारनाथ, बदरीनाथ और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी को ध्यान में रखना जरूरी है।
आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड में बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में नदियों के जलस्तर, भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी चुनौतियां आगे भी बनी रह सकती हैं।
Uttarakhand Rain के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और समय पर राहत-बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है। लोगों से अपील है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, नदी-नालों से दूरी बनाए रखें और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले सड़क की स्थिति जरूर जांचें।
फिलहाल अलकनंदा और मंदाकिनी समेत प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश की तीव्रता बढ़ने की स्थिति में प्रशासन स्थानीय स्तर पर और भी कड़े सुरक्षा कदम उठा सकता है।


