उत्तराखंड

उत्तराखंड में 15 हजार से ज्यादा परिवारों को मिलेगा अपना आशियाना, PM Awas Yojana की टाइमलाइन तय!

Over 15,000 families in Uttarakhand to get their own homes; timeline for PM Awas Yojana finalized!

PM Awas Yojana Uttarakhand: उत्तराखंड में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के घर का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने PM Awas Yojana Uttarakhand को गति देने के लिए लंबित आवासीय परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के मुताबिक, दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को अपने नए घर की चाबी मिलने की उम्मीद है।

आवास विभाग ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए सितंबर तक की समयसीमा तय की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन आवासों का निर्माण अंतिम चरण में है, उन्हें निर्धारित अवधि में पूरा कर लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

18 परियोजनाओं में बन रहे 15,496 आवास

उत्तराखंड में PM Awas Yojana Uttarakhand के तहत कुल 18 आवासीय परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश के अनुसार, इन परियोजनाओं में कुल 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है।

इनमें से करीब 84 प्रतिशत यानी 12,948 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 1,271 आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी भी जा चुकी हैं। इनमें रुड़की के 768 और हरिद्वार के 503 लाभार्थी शामिल हैं।

सरकार का लक्ष्य अब बाकी निर्माण कार्य को जल्द पूरा कर पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए कार्यदायी संस्थाओं को 30 सितंबर तक लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा मकान

PM Awas Yojana Uttarakhand के तहत सबसे ज्यादा आवास ऊधमसिंह नगर जिले में बनाए जा रहे हैं। जिले में कुल 10,200 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवास तैयार किए जा रहे हैं।

रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1,872 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा भवानीपुर जसपुर में 1,264, उकरौली-1 सितारगंज में 1,168 और उकरौली-2 में 864 आवास बनाए जा रहे हैं।

काशीपुर के कनकपुर में 1,256, रुद्रपुर के मटकोटा में 928 और गदरपुर के श्यामनगर में 928 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। महुवाखेड़ागंज में 824, मानपुर काशीपुर में 512 और गंगापुर गोसाल में 584 आवास भी योजना का हिस्सा हैं।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा।

हरिद्वार में 4,500 से ज्यादा आवास

हरिद्वार जिले में भी PM Awas Yojana Uttarakhand के तहत बड़े स्तर पर आवास निर्माण चल रहा है। जिले में कुल 4,528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है।

मंगलौर में 544, झब्बरपुर में 448, अन्नेखी में 1,152 और बेल्दी क्षेत्र में 1,088 आवास बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा शिकारपुर में 768 और इंद्रलोक आवासीय योजना में 528 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से हरिद्वार जिले में बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को अपना पक्का घर मिल सकेगा।

नैनीताल और देहरादून में भी तेजी से काम

नैनीताल जिले के उम्मेदनगर, रामनगर में योजना के तहत बनाए जा रहे 528 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। अब लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

वहीं देहरादून जिले में धौलास हाउसिंग स्कीम के तहत कुल 240 आवास बनाए जा रहे हैं। इनमें से 180 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। बाकी आवासों को भी समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य सरकार बढ़ा रही अपनी हिस्सेदारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आवास केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, PM Awas Yojana Uttarakhand के माध्यम से प्रदेश में हजारों परिवारों को लाभ मिल रहा है। योजना को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ा रही है। राज्यांश को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किए जाने की बात कही गई है।

दिसंबर तक हजारों परिवारों को मिल सकता है लाभ

सरकार की तय टाइमलाइन के अनुसार सितंबर तक लंबित निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद आवासों के हस्तांतरण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। ऐसे में दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

PM Awas Yojana Uttarakhand के तहत चल रही इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा उद्देश्य ऐसे परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक स्थिति के कारण खुद अपना पक्का घर बनाने में सक्षम नहीं हैं। यदि तय समयसीमा के अनुसार काम पूरा होता है, तो आने वाले महीनों में हजारों परिवारों के लिए वर्षों पुराना घर का सपना हकीकत में बदल सकता है।

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