उत्तराखंड

Uttarakhand SIR: कल से शुरू होगा अगला पड़ाव नोटिस पाने वाले मतदाताओं को देना होगा जवाब

Uttarakhand SIR: The next phase begins tomorrow voters who received notices must submit a response.

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए चल रही Uttarakhand SIR प्रक्रिया अब अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने जा रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision के तहत ऐसे मतदाताओं के मामलों की जांच आगे बढ़ेगी, जिनकी जानकारी उपलब्ध रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल नहीं खा रही है या जिनका पूर्व के मतदाता रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया है। चुनाव आयोग की तय समय-सारिणी के अनुसार नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण का चरण 10 जुलाई से 11 सितंबर तक निर्धारित है।

Uttarakhand SIR: 13 अगस्त के बाद बढ़ेगी नोटिस प्रक्रिया की गति

Uttarakhand SIR में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की निर्धारित अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक है। इसके बाद नोटिस पाने वाले मतदाताओं के मामलों की सुनवाई और दस्तावेजों की जांच पर अधिक जोर रहेगा। निर्वाचन अधिकारियों की ओर से संबंधित मतदाताओं को यह अवसर दिया जाएगा कि वे अपने नाम और पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड को स्पष्ट कर सकें।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में मौजूद प्रविष्टियों की वास्तविकता और पात्रता को सुनिश्चित करना है। निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर प्राप्त जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद ही संबंधित मामले में आगे निर्णय लिया जाएगा।

करीब 19 लाख मतदाताओं की जानकारी बनी जांच का आधार

Uttarakhand SIR के पहले चरण में मतदाताओं के मौजूदा रिकॉर्ड का पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया गया। रिपोर्टों के अनुसार करीब 18.50 लाख मतदाताओं की प्रविष्टियों में ऐसी विसंगतियां सामने आईं, जिनके कारण उन्हें आगे की जांच के लिए चिह्नित किया गया। इसके अलावा करीब 8.80 लाख मतदाता ऐसे बताए गए हैं जिनका पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका।

14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ऐसे मामलों में नोटिस की प्रक्रिया शुरू हुई। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि किसी मतदाता का नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं मिलने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह मतदाता अपात्र है। संबंधित व्यक्ति को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

Uttarakhand SIR: नोटिस मिलने पर क्या करना होगा?

Uttarakhand SIR के तहत यदि किसी मतदाता को नोटिस प्राप्त होता है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना जवाब देना होगा। जवाब के साथ आवश्यकता के अनुसार ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं, जिनसे उसकी पहचान, नागरिकता, निवास या मतदाता सूची में दर्ज विवरण की पुष्टि हो सके।

मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नोटिस को नजरअंदाज न करें। नोटिस में दी गई तारीख, स्थान और संबंधित निर्वाचन अधिकारी की जानकारी को ध्यान से पढ़ना होगा। यदि किसी दस्तावेज की अतिरिक्त आवश्यकता हो तो उसे समय पर उपलब्ध कराना जरूरी होगा।

निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि संबंधित मतदाता की प्रविष्टि को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए। इस दौरान मतदाताओं को अपने पुराने रिकॉर्ड, परिवार के सदस्यों से संबंधित मतदाता विवरण और उपलब्ध प्रमाणों को व्यवस्थित रखना उपयोगी होगा।

BLO की भूमिका रहेगी महत्वपूर्ण

Uttarakhand SIR में Booth Level Officers यानी BLO की भूमिका काफी अहम है। अभियान की शुरुआत में BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं को Enumeration Form उपलब्ध कराए थे और उनके विवरण जुटाए थे। राज्य में यह प्रक्रिया 8 जून से शुरू हुई थी और 7 जुलाई तक घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और संग्रह का कार्यक्रम रखा गया था।

अब जिन मामलों में अतिरिक्त सत्यापन या स्पष्टीकरण की आवश्यकता है, उनमें BLO और संबंधित निर्वाचन अधिकारी मतदाताओं को प्रक्रिया की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क बनाए रखें और किसी भी भ्रम की स्थिति में आधिकारिक निर्वाचन कार्यालय से जानकारी प्राप्त करें।

Uttarakhand SIR: 15 सितंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

Uttarakhand SIR की पूरी प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग ने चरणबद्ध कार्यक्रम निर्धारित किया है। ड्राफ्ट मतदाता सूची 14 जुलाई को प्रकाशित की गई। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का अवसर रखा गया है। नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण का चरण 10 जुलाई से 11 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है।

इसका मतलब है कि अगले कुछ सप्ताह मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। जिन लोगों को नोटिस मिल चुका है, उन्हें निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष रखने पर विशेष ध्यान देना होगा। अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले संबंधित रिकॉर्ड को सही कराने का यही महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

Uttarakhand SIR को लेकर जिला स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। हरिद्वार सहित कई जिलों में प्रशासन और निर्वाचन विभाग राजनीतिक दलों तथा आम लोगों के साथ बैठकें कर चुके हैं। हरिद्वार जिला प्रशासन ने SIR के लिए अलग पोर्टल पर हेल्पडेस्क, BLO विवरण, नोटिस वितरण और अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराई हैं।

चुनाव अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहें और गलत या अपूर्ण प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार सुधारा जा सके। इसलिए नोटिस मिलने वाले मतदाताओं के लिए जवाब देना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि अपने मतदाता रिकॉर्ड को स्पष्ट करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

Uttarakhand SIR: अंतिम सूची से पहले अपने रिकॉर्ड की जांच जरूरी

Uttarakhand SIR के दौरान मतदाताओं को अपने नाम, पता, उम्र और अन्य विवरणों की जांच करते रहना चाहिए। यदि किसी जानकारी में गलती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए दावा या आपत्ति दर्ज की जा सकती है। नए पात्र मतदाताओं के लिए भी मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर SIR से संबंधित दस्तावेज, बैठकों की जानकारी और ड्राफ्ट मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराए गए हैं।

कुल मिलाकर, Uttarakhand SIR का अगला चरण मतदाता सूची की शुद्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुआ है, उनके लिए अब सबसे जरूरी है कि वे निर्धारित समय में जवाब दें और मांगे गए प्रमाण उपलब्ध कराएं। इससे न केवल उनके व्यक्तिगत मतदाता रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट होगी, बल्कि आगामी अंतिम मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने में भी मदद मिलेगी।

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