उत्तराखंड

Dehradun NEET Student Suicide: 12वीं की टॉपर रिया थापा ने दी जान, री-NEET परीक्षा की तैयारी के बीच मिला भावुक सुसाइड नोट

Dehradun NEET Student Suicide: Class 12 topper Riya Thapa takes her own life; emotional suicide note found amidst preparations for the re-NEET exam.

Dehradun NEET Student Suicide का मामला पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र स्थित चंद्रबनी इलाके में रहने वाली 12वीं की कॉलेज टॉपर रिया कुमारी थापा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह आगामी 21 जून को होने वाली री-NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। घटना के बाद परिवार, पड़ोस और शिक्षा जगत में शोक की लहर है।

पुलिस को रिया के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी असफलता को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए माता-पिता के लिए भावुक संदेश छोड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

97.6 प्रतिशत अंक लाकर बनी थीं कॉलेज टॉपर

रिया थापा पढ़ाई में बेहद मेधावी छात्रा थीं। उन्होंने राममोहन इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर कॉलेज टॉप किया था। परिवार और शिक्षकों को उनसे काफी उम्मीदें थीं। उनका सपना डॉक्टर बनने का था और इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह लगातार मेहनत कर रही थीं।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए रिया बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थीं और उसी से अपनी पढ़ाई का खर्च निकालती थीं। परिवार के अनुसार वह बेहद अनुशासित और मेहनती छात्रा थीं।

दो बार NEET में सफलता नहीं मिली, फिर भी नहीं छोड़ा सपना

Dehradun NEET Student Suicide मामले में सामने आया है कि रिया दो बार NEET परीक्षा में शामिल हो चुकी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और इस बार री-NEET परीक्षा के लिए दिन-रात तैयारी कर रही थीं।

परिजनों का कहना है कि वह देर रात तक पढ़ाई करती थीं और डॉक्टर बनकर परिवार का नाम रोशन करना चाहती थीं। लेकिन शायद लगातार बढ़ते मानसिक दबाव और अपेक्षाओं का बोझ उन्हें अंदर ही अंदर परेशान कर रहा था।

मंगलवार रात कमरे में बंद हुईं, सुबह मिलीं फंदे पर लटकी

मंगलवार देर रात रिया अपने कमरे में चली गईं। काफी समय तक बाहर नहीं आने पर मां ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पिता ने दरवाजा खोला तो बेटी को फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया।

घटना की सूचना मिलते ही पटेल नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं।

सुसाइड नोट में लिखा- ‘आई लव यू मम्मी-पापा’

Dehradun NEET Student Suicide मामले में सबसे भावुक पहलू वह सुसाइड नोट है, जो रिया के कमरे से बरामद हुआ। नोट में उन्होंने लिखा—’आई लव यू मम्मी-पापा। पढ़ाई में सफलता नहीं मिलने के कारण मैं यह कदम उठा रही हूं।’ यह संदेश पढ़कर परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच का हिस्सा बना लिया है।

कारगिल युद्ध लड़ चुके हैं पिता, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रिया के पिता राजेश मल्ल कारगिल युद्ध में देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिक हैं। उनकी मां गृहिणी हैं। परिवार ने बेटी की शिक्षा और सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया था।

रिया की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि किसी को भी अंदाजा नहीं था कि इतनी होनहार और शांत स्वभाव की लड़की ऐसा कदम उठा सकती है।

राहुल गांधी ने जताया शोक

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिया थापा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि रिया ने NEET परीक्षा दी थी और पेपर रद्द होने के बाद उत्पन्न परिस्थितियों से वह मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुई थीं। राहुल गांधी ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी प्रतिभाशाली बेटी का जाना बेहद दुखद है।

कांग्रेस नेताओं ने परिवार से की मुलाकात

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने चंद्रबनी स्थित रिया के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने पूर्व सैनिक राजेश मल्ल और अन्य परिजनों से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया।

धस्माना ने कहा कि रिया ने परीक्षा के बाद परिवार से कहा था कि इस बार उसका पेपर काफी अच्छा हुआ था और उसे सफलता की उम्मीद थी। ऐसे में उसकी अचानक मौत हर किसी के लिए हैरान करने वाली है।

प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और मानसिक स्वास्थ्य बना बड़ा मुद्दा

Dehradun NEET Student Suicide की यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों की स्थिति को भी सामने लाती है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अत्यधिक मानसिक दबाव का सामना करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को छात्रों की भावनात्मक स्थिति को समझने की जरूरत है। सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सुसाइड नोट सहित अन्य तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

Dehradun NEET Student Suicide की यह दुखद घटना पूरे समाज के लिए एक गंभीर संदेश छोड़ गई है कि सपनों और अपेक्षाओं के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है।

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