उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। प्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक मौसम खराब होने के बाद हुई Uttarakhand Lightning Strike की घटना में लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य पर्यटक घायल हो गए। इस दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के बीच फंसे 50 से अधिक पर्यटकों का प्रशासन, डीडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।
यह हादसा उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में पर्यटक तुंगनाथ और चोपता क्षेत्र में ट्रेकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे हुए थे। अचानक मौसम ने करवट ली और कुछ ही मिनटों में शांत वातावरण तेज तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं में बदल गया।
अचानक बदला मौसम, मच गई अफरा-तफरी
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 4:17 बजे तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में मौसम तेजी से खराब हो गया। पहाड़ी क्षेत्र में तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते घने बादलों के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की सूचना मिली।
खराब मौसम के कारण ट्रेकिंग मार्गों पर मौजूद पर्यटक सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंच पाए और कई लोग खुले इलाकों में फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और डीडीआरएफ, पुलिस तथा 108 एंबुलेंस सेवा की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
लखनऊ के दो भाइयों की दर्दनाक मौत
इस हादसे में उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी 19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके बड़े भाई 22 वर्षीय अभिषेक वाजपेयी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
दोनों भाइयों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि दोनों भाई उत्तराखंड घूमने और तुंगनाथ ट्रेक का अनुभव लेने के लिए आए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनके जीवन की अंतिम यात्रा साबित होगी।
तीन अन्य पर्यटक घायल, अस्पताल में चल रहा उपचार
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन अन्य पर्यटक भी घायल हुए हैं। घायलों की पहचान उन्नाव निवासी शुभम शुक्ला, आजन मिश्रा और नीव मिश्रा के रूप में हुई है।
राहत टीमों ने सभी घायलों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है, हालांकि उन्हें निगरानी में रखा गया है।
50 से अधिक पर्यटकों का सुरक्षित रेस्क्यू
खराब मौसम के कारण तुंगनाथ और चोपता क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे। प्रशासन ने समय रहते राहत अभियान शुरू किया, जिसके चलते 50 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
रेस्क्यू टीमों को दुर्गम पहाड़ी रास्तों और लगातार खराब होते मौसम के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर दृश्यता कम होने के बावजूद बचाव दल ने सतर्कता के साथ अभियान चलाया और पर्यटकों को सुरक्षित निकाला।
अधिकारियों ने बताया कि यदि राहत कार्य में देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
पहाड़ों में मौसम का बदलता मिजाज बना चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बेहद तेजी से बदलता है। खासकर प्री-मानसून अवधि के दौरान अचानक बारिश, ओलावृष्टि, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
तुंगनाथ, चोपता, केदारनाथ और अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कई बार साफ मौसम कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले लेता है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
घटना के बाद प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में ऊंचाई वाले क्षेत्रों, खुले मैदानों और ट्रेकिंग मार्गों पर जाने से बचें।
ऊखीमठ के थाना प्रभारी मनोज नेगी ने बताया कि प्रशासन क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और यात्रा से पहले मौसम अपडेट की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
पर्यटन सीजन में सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता
चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते इन दिनों उत्तराखंड में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
रुद्रप्रयाग की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ों की खूबसूरती के साथ-साथ प्राकृतिक जोखिम भी जुड़े होते हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और मौसम अलर्ट व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
फिलहाल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में हुई Uttarakhand Lightning Strike की इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। दो युवाओं की असमय मौत ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं, जबकि यह हादसा पहाड़ों में मौसम संबंधी सावधानी बरतने की अहम सीख भी दे गया।



