Ex-Servicemen Welfare Uttarakhand: खटीमा में सीएम धामी ने CSD कैंटीन और सैनिक मिलन केंद्र का किया लोकार्पण
Ex-Servicemen Welfare Uttarakhand: CM Dhami Inaugurates CSD Canteen and Sainik Milan Kendra in Khatima
उत्तराखंड में Ex-servicemen welfare Uttarakhand को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने खटीमा में पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम खेतलसंडा में आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह के दौरान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिवार शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों का सम्मान करना केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि गर्व की बात है।
पुण्यतिथि पर भावुक हुए मुख्यमंत्री
यह आयोजन मुख्यमंत्री के पिता स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर रखा गया था। Ex-servicemen welfare Uttarakhand से जुड़े इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके विचार और संघर्ष आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि वर्दी का सम्मान सबसे ऊपर होता है और देश सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
करोड़ों की लागत से बने प्रोजेक्ट
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 715.51 लाख रुपये की लागत से बनी CSD कैंटीन और 162.26 लाख रुपये से बने सैनिक मिलन केंद्र का उद्घाटन किया। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के तहत यह सुविधाएं पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही हैं। इन केंद्रों के माध्यम से उन्हें जरूरी वस्तुएं और सामाजिक संवाद के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा।
वीर नारियों और सैनिकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 60 वीर नारियों और 80 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के तहत यह सम्मान उनके योगदान और बलिदान के प्रति आभार का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने शॉल ओढ़ाकर सभी को सम्मानित किया और कहा कि देश की रक्षा में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
पिता से मिली प्रेरणा का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि उनके पिता ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा दी। उन्होंने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में भाग लिया। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे वीर सैनिकों की कहानियां ही उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि भले ही वे सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को आदर्श मानकर काम कर रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में भारत की प्रगति
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में देश के रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के साथ-साथ उन्होंने बताया कि देश का रक्षा उत्पादन 46 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
सैनिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के तहत शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाई गई है। इसके साथ ही आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।
आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी
सरकार ने वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों के लिए आर्थिक सहायता में भी वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के तहत यह कदम सैनिकों के सम्मान को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
सैन्य धाम और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगा। Ex-servicemen welfare Uttarakhand के तहत यह पहल भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा शहीदों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की अवधि 2 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है।



