Doon Book Festival 2026: 4 अप्रैल से देहरादून में ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का आगाज, गढ़वाली-कुमाऊंनी की 13 नई किताबों समेत लाखों पुस्तकों का होगा संगम
Doon Book Festival 2026: The 'Doon Book Festival 2026' will begin in Dehradun on April 4, bringing together millions of books, including 13 new Garhwali-Kumaoni books.
उत्तराखंड की वादियों में इस बार केवल प्रकृति की खुशबू नहीं, बल्कि शब्दों और पन्नों की महक भी बिखरेगी। राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में 4 से 12 अप्रैल तक प्रतिष्ठित ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का आयोजन होने जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित इस नौ दिवसीय उत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 4 अप्रैल को करेंगे। इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता क्षेत्रीय भाषाओं का संरक्षण है, जिसके तहत पहली बार गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में अनूदित 13 विशेष पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा।
गढ़वाली-कुमाऊंनी में 13 नई कृतियां
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) ने उत्तराखंड की लोक भाषाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार, पिछले वर्ष आयोजित एक विशेष कार्यशाला में राज्य के प्रख्यात लेखकों, अनुवादकों और भाषा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था।
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साहित्यिक धरोहर: इस सामूहिक प्रयास के परिणामस्वरूप बाल कहानियों और महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की गई है।
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अनूठा अनुवाद: कुल 13 पुस्तकों का गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में अनुवाद पूरा कर लिया गया है।
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विमोचन: इन पुस्तकों को 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा, जो राज्य की नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेंगी।
लेखकों और विचारकों का मंच
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘दून साहित्य उत्सव’ (Doon Literature Festival) होगा। यह केवल पुस्तकों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि विचारों का आदान-प्रदान करने वाला एक जीवंत मंच है।
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दिग्गजों से मुलाकात: महोत्सव के दौरान देश के जाने-माने लेखक, फिल्मकार, कवि और विचारक पैनल चर्चाओं में शामिल होंगे। पाठकों को अपने पसंदीदा रचनाकारों से सीधे संवाद करने और उनके हस्ताक्षरित (Signed) प्रतियां प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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बौद्धिक विमर्श: इतिहास, संस्कृति, पर्यावरण और समकालीन साहित्य जैसे विषयों पर गंभीर सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बच्चों के लिए ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल
भावी पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए एनबीटी ने विशेष ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल’ का खाका तैयार किया है। महोत्सव के प्रत्येक दिन बच्चों के लिए अलग-अलग गतिविधियां होंगी:
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स्टोरी टेलिंग: अनुभवी कथाकारों द्वारा कहानियों का जादू बिखेरा जाएगा।
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रचनात्मक कार्यशाला: पेंटिंग, कविता लेखन और क्राफ्ट मेकिंग के जरिए बच्चों की प्रतिभा को निखारा जाएगा।
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क्विज और इंटरएक्टिव सत्र: ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को सीखने का नया अनुभव मिलेगा।
सांस्कृतिक शाम और म्यूजिकल कंसर्ट
पुस्तकों के इस उत्सव में मनोरंजन का भी तड़का लगेगा। प्रत्येक शाम परेड ग्राउंड के मंच पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी और युवाओं के लिए विशेष म्यूजिकल कंसर्ट का आयोजन भी किया जाएगा, जो साहित्य और संगीत के अद्भुत तालमेल को प्रदर्शित करेगा।
पुस्तक प्रेमियों के लिए खास जानकारी
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स्थान: परेड ग्राउंड, देहरादून।
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समय: सुबह 10:00 बजे से रात 08:00 बजे तक।
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प्रवेश: सभी पुस्तक प्रेमियों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।
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विविधता: मेले में देश के विभिन्न प्रकाशनों की लाखों पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं का विशाल संग्रह उपलब्ध होगा।
पुस्तकों और संस्कृति का उत्सव
नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि दून पुस्तक महोत्सव का उद्देश्य केवल व्यावसायिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक है। यह पूरे देश के पाठकों और कलाकारों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। उन्होंने दूनवासियों से अपील की है कि वे सपरिवार इस महोत्सव में आएं और उत्तराखंड के इस ‘बौद्धिक महाकुंभ’ का हिस्सा बनें।
महोत्सव का संक्षिप्त विवरण (तालिका):
| विवरण | विवरण |
| आयोजन तिथि | 04 अप्रैल – 12 अप्रैल 2026 |
| उद्घाटनकर्ता | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी |
| आयोजक | नेशनल बुक ट्रस्ट (भारत सरकार) |
| विशेष आकर्षण | गढ़वाली-कुमाऊंनी में 13 नई पुस्तकों का विमोचन |
| मुख्य गतिविधि | दून साहित्य उत्सव, चिल्ड्रन फेस्टिवल, म्यूजिकल कंसर्ट |


