Income Tax Survey Dehradun: इनकम टैक्स विभाग का बड़ा एक्शन, देहरादून स्टांप कार्यालय में छापेमारी, पिछले 5 वर्षों की रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड तलब
Income Tax Survey Dehradun: Major action by Income Tax Department, Raid at Dehradun Stamp Office, records of registrations of last 5 years summoned
उत्तराखंड में बेनामी संपत्तियों और टैक्स चोरी के खिलाफ आयकर विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार, 30 मार्च को आयकर विभाग की ‘इंटेलिजेंस और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग’ ने देहरादून स्थित महानिरीक्षक (IG) स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन कार्यालय में औचक सर्वे किया। विभाग की इस कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर और जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। Income Tax Survey Dehradun Stamp Office 2026 के तहत टीम ने पिछले पांच सालों में हुई जमीनों की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्रियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला है।
डुप्लीकेट पैन कार्ड और टैक्स चोरी पर पैनी नजर
आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि जमीनों की रजिस्ट्री के दौरान कई खरीदारों ने फर्जी या डुप्लीकेट पैन कार्ड (PAN Card) का इस्तेमाल किया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पकड़ना है जो अपनी वास्तविक आय छिपाने के लिए एक से अधिक पैन कार्ड या दूसरों के दस्तावेजों का उपयोग कर महंगी संपत्तियां खरीद रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर में अक्सर संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य और रजिस्ट्री में दर्शाए गए ‘सर्कल रेट’ के बीच भारी अंतर होता है। इस ‘ब्लैक मनी’ के लेन-देन को पकड़ने के लिए ही आयकर विभाग ने सीधे रिकॉर्ड्स की जांच शुरू की है।
5 साल का डेटा और इंटेलिजेंस विंग की सक्रियता
आयकर विभाग की टीम ने देहरादून कार्यालय से पिछले पांच वित्तीय वर्षों का विस्तृत डेटा मांगा है। इसमें बड़े भूखंडों की खरीद, हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन और संदिग्ध पैन कार्ड की जानकारी शामिल है। हालांकि, स्टांप विभाग नियमानुसार समय-समय पर डेटा आयकर विभाग को भेजता रहता है, लेकिन इस बार Income Tax Survey Dehradun Stamp Office 2026 की गहनता यह संकेत दे रही है कि विभाग के पास कुछ पुख्ता इनपुट हैं।
स्टांप विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आयकर विभाग द्वारा मांगी गई सभी आवश्यक जानकारियां उन्हें उपलब्ध करा दी गई हैं। टीम अब इन जानकारियों का मिलान खरीदारों द्वारा दाखिल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) से करेगी।
संदिग्धों को जारी होंगे नोटिस, होगी सख्त कार्रवाई
इस सर्वे के आधार पर आयकर विभाग आने वाले दिनों में उन व्यक्तियों को नोटिस जारी कर सकता है, जिनकी संपत्ति की खरीद उनके घोषित आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती।
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डुप्लीकेसी की जांच: एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग पहचान से संपत्ति खरीदने की जांच।
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अघोषित आय: रजिस्ट्री में दिखाए गए मूल्य और बैंक ट्रांजेक्शन में अंतर की पहचान।
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सख्त जुर्माना: गड़बड़ी पाए जाने पर आयकर अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है।
दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक फैला है जाल
यह कार्रवाई केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। आयकर विभाग की विभिन्न टीमें उत्तर प्रदेश के कई शहरों और दिल्ली में भी इसी तरह के सर्वे कर रही हैं। विभाग का मानना है कि राज्यों की सीमाओं पर सक्रिय भू-माफिया और टैक्स चोरों का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसे ध्वस्त करना जरूरी है। इस अभियान से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता (Transparency) बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।



