Uttarakhand Assembly Election : दलबदल के डर से हुआ धामी कैबिनेट का विस्तार, कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा का तीखा हमला
Uttarakhand Assembly Election: Fear of defection led to expansion of Dhami cabinet, Congress in-charge Kumari Selja launches scathing attack
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही प्रदेश की राजनीति में शह-मात का खेल तेज हो गया है। एक ओर जहाँ भाजपा सरकार ने हाल ही में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस ने इसे ‘डर की राजनीति’ करार दिया है। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने आज दिल्ली में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कैबिनेट विस्तार किसी विकास योजना के लिए नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर मचे विद्रोह और दलबदल के डर से करना पड़ा है।
दिल्ली में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
उत्तराखंड कांग्रेस के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रहा। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में कुमारी शैलजा की उपस्थिति में भाजपा और अन्य दलों के 6 बड़े नेताओं ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। इन नेताओं में शामिल हैं:
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3 पूर्व विधायक (जिनका अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार माना जाता है)।
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1 पूर्व महापौर (नगर निगम की राजनीति का बड़ा चेहरा)।
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1 पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता।
इन नेताओं की ज्वाइनिंग को उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन की लहर के रूप में देखा जा रहा है। कुमारी शैलजा ने इन सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले समय में भाजपा के कई और दिग्गज कांग्रेस के पाले में दिखाई देंगे।
‘बीजेपी को लग गई थी दलबदल की भनक’
प्रेस वार्ता के दौरान कुमारी शैलजा ने धामी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि “भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को यह भनक लग गई थी कि उनके कई वरिष्ठ विधायक और असंतुष्ट नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। अपनी सरकार को गिरने से बचाने और कुनबे को बिखरने से रोकने के लिए आनन-फानन में 5 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।”
शैलजा ने आगे कहा कि “यह विस्तार प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक ‘पॉलिटिकल डैमेज कंट्रोल’ था। भाजपा को डर था कि अगर आज ये नियुक्तियां नहीं हुईं, तो कल उनकी पार्टी खाली हो जाएगी।”
बदली हुई है आज की कांग्रेस
उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि आज प्रदेश की जनता भाजपा शासन से त्रस्त है। उन्होंने कहा, उत्तराखंड में आज क्या हालात हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। अंकिता भंडारी केस से लेकर भर्ती घोटालों तक, महिलाओं पर अत्याचार और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जनता में भारी रोष है और वे बदलाव की ओर देख रहे हैं।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए कहा कि आज की कांग्रेस एक ‘बदली हुई कांग्रेस’ है। पार्टी अब केवल ड्राइंग रूम पॉलिटिक्स नहीं, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक जनता की लड़ाई मजबूती से लड़ रही है। समाज के हर वर्ग के लोग, चाहे वे युवा हों या महिला, आज कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ना चाहते हैं।
2027 चुनाव की रणनीति
कुमारी शैलजा के बयानों से साफ है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा फिलहाल ‘बैकफुट’ पर है और बचाव की मुद्रा में है। कांग्रेस का लक्ष्य अब उन सभी असंतुष्ट आवाजों को एकजुट करना है जो वर्तमान सरकार की नीतियों से खुश नहीं हैं।
कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरे दल-बल के साथ उतरेगी। जमीन पर संगठन को मजबूत किया जा रहा है और बूथ स्तर तक बदलाव की तैयारी पूरी है।
सियासी हलचल का संक्षिप्त विश्लेषण:
| घटनाक्रम | मुख्य प्रभाव |
| 6 बड़े नेताओं की ज्वाइनिंग | कांग्रेस के कुनबे में बढ़ोतरी और कार्यकर्ताओं में उत्साह। |
| कुमारी शैलजा का दावा | धामी कैबिनेट विस्तार को ‘डर का परिणाम’ बताकर छवि पर प्रहार। |
| भ्रष्टाचार और लॉ एंड ऑर्डर | सरकार को घेरने के लिए प्रमुख चुनावी मुद्दे। |
| 2027 का लक्ष्य | दलबदल की राजनीति से भाजपा के भीतर अस्थिरता पैदा करना। |

