देवभूमि उत्तराखंड में गर्मी की दस्तक के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शुक्रवार की सुबह से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादलों का डेरा और पहाड़ों से मैदानों तक बह रही ठंडी हवाओं ने लोगों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा Uttarakhand Weather Update March 2026 के अनुसार, अगले 24 घंटों में प्रदेश के पांच पर्वतीय जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की प्रबल संभावना है।
आसमान में उमड़े बादल, सुहावना हुआ मौसम
राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे मैदानी इलाकों में शुक्रवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे तापमान के कारण लोग गर्मी महसूस करने लगे थे, लेकिन अचानक बदले इस मिजाज ने वातावरण में ठंडक घोल दी है। ठंडी हवाओं के चलने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव उत्तर-पश्चिम से आ रहे एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का परिणाम है।
इन 5 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, राज्य के ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम अधिक सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से निम्नलिखित जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है:
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उत्तरकाशी और चमोली: यहाँ मध्यम स्तर की बारिश और ऊंचाई पर बर्फ गिर सकती है।
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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम ठंडा रहने का अनुमान है।
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बागेश्वर और पिथौरागढ़: सीमांत जिलों में छिटपुट बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका है।
3300 मीटर से ऊपर ‘सफेद चादर’ की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जताया है कि 3300 मीटर और उससे अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात (Snowfall) हो सकता है। Snowfall in Chamoili and Rudraprayag की संभावना को देखते हुए पर्यटन व्यवसायियों में उत्साह है, क्योंकि बर्फबारी का सीधा संबंध पर्यटकों की आमद से होता है। हालांकि, निचले इलाकों और मैदानी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन आंशिक बादल छाए रहने से धूप की तपिश कम महसूस होगी।
चारधाम यात्रा की तैयारियों पर असर
यह Rain Alert in Uttarakhand ऐसे समय में आया है जब शासन-प्रशासन आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में रास्तों को साफ करने और बुनियादी सुविधाएं जुटाने का काम जोरों पर है। खराब मौसम के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में काम की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है। प्रशासन ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के लिए मिश्रित संदेश
मार्च के अंत में हो रही यह छिटपुट बारिश पकी हुई फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। विशेष रूप से मैदानी इलाकों में गेहूं की कटाई का समय करीब है, ऐसे में यदि तेज आंधी के साथ बारिश होती है, तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, सेब के बागानों और अन्य फलदार पेड़ों के लिए यह हल्की नमी संजीवनी का काम करेगी।
मैदानी इलाकों में कैसा रहेगा हाल?
देहरादून, उधमसिंह नगर और हरिद्वार जैसे जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह और शाम के वक्त हल्की गुलाबी ठंड का अहसास बना रहेगा। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोग गर्म कपड़ों और जरूरी दवाओं का स्टॉक साथ रखें, क्योंकि वहां तापमान तेजी से गिर सकता है।
मौसम का संक्षिप्त विवरण (तालिका):
| क्षेत्र/जिला | मौसम की स्थिति | अलर्ट का प्रकार |
| ऊपरी हिमालयी क्षेत्र | बर्फबारी (3300m+) | हल्का हिमपात |
| उत्तरकाशी, चमोली | गरज के साथ बारिश | येलो अलर्ट |
| देहरादून, हरिद्वार | आंशिक बादल, ठंडी हवाएं | सामान्य |
| पिथौरागढ़ | ओलावृष्टि और बारिश | छिटपुट बौछारें |



