उत्तराखंड में बर्फबारी बनी पर्यटकों के लिए रोमांच और चुनौती, पांच जिलों में एवलॉन्च अलर्ट
Snowfall in Uttarakhand becomes both an adventure and a challenge for tourists; avalanche alert issued in five districts.
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में हालिया भारी बर्फबारी ने जहां एक ओर पर्यटन स्थलों की खूबसूरती बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर यह पर्यटकों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर रही है। मैदानी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फ का आनंद लेने पहाड़ों की ओर पहुंचे हैं, लेकिन पर्याप्त सावधानी न बरतने के कारण कई लोग वापसी के दौरान फंसते नजर आ रहे हैं। इसी बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एवलॉन्च (हिमस्खलन) का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हो गया है।
23 जनवरी को हुई बर्फबारी के बाद चंडीगढ़ स्थित डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (DGRE) ने उत्तराखंड समेत देश के कई पर्वतीय क्षेत्रों में एवलॉन्च की चेतावनी जारी की थी। इसके बाद 24 जनवरी को एक बार फिर अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया गया, जिसमें उत्तराखंड के पांच जिलों को शामिल किया गया है।
चमोली में ऑरेंज, चार जिलों में येलो अलर्ट
डीजीआरई की चेतावनी के अनुसार चमोली जिले में 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की संभावना जताई गई है, जिसके चलते यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में 2,800 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट लागू किया गया है। अलर्ट जारी होने के बाद उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
पर्यटकों की लापरवाही बनी परेशानी की वजह
लंबे समय बाद हुई बर्फबारी से पर्यटक काफी उत्साहित नजर आए, लेकिन कई जगहों पर उनकी लापरवाही परेशानी का कारण बनी। बर्फ जमने के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे वाहन स्किड होने लगे और कई पर्यटक रास्ते में फंस गए। कुछ स्थानों पर सड़कें पूरी तरह बाधित हो गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 24 जनवरी की शाम तक प्रदेश में कुल 66 सड़कें बंद रहीं, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। हालांकि अधिकांश मार्गों को खोलने का काम तेजी से किया गया।
एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाले फंसे पर्यटक
बर्फबारी के दौरान नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी जैसे इलाकों में फंसे पर्यटकों को एसडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला। जेसीबी मशीनों की मदद से बर्फ हटाकर करीब 100 पर्यटकों और 20 से अधिक वाहनों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि एवलॉन्च अलर्ट ऊंचाई वाले निर्जन क्षेत्रों के लिए है, जहां सर्दियों में कोई आबादी नहीं रहती। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे पहाड़ी इलाकों में सावधानी से वाहन चलाएं। प्रशासन की ओर से सड़कों पर नमक और चूने का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि फिसलन कम हो सके।



