उत्तराखंड

अघोषित बिजली कटौती से नाराज विधायक का अनोखा विरोध, अधिकारियों के घरों का कनेक्शन कटवाया

An MLA, angered by unannounced power cuts, staged a unique protest by having the electricity connections of officials' homes disconnected.

झबरेड़ा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का भी सब्र जवाब दे दिया है. कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने बिजली विभाग की लापरवाही से आहत होकर विरोध का एक असामान्य तरीका अपनाया. क्षेत्र में लंबे समय से बाधित बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों के आवासों के विद्युत कनेक्शन कटवा दिए, जिससे मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है.

कई दिनों से बिजली संकट, जनजीवन प्रभावित

जानकारी के अनुसार झबरेड़ा और आसपास के इलाकों में बीते कई दिनों से घंटों तक बिजली गुल रहना आम बात हो गई थी. अघोषित कटौती के चलते घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों, छोटे उद्योगों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. मौसम के गर्म होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई थी. बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा था.

शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

विधायक वीरेंद्र जाति ने क्षेत्रवासियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से फोन और बैठकों के माध्यम से संपर्क किया. उन्होंने जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं दिखा. इससे जनता में आक्रोश लगातार बढ़ता गया.

अधिकारियों को महसूस कराई जनता की पीड़ा

स्थिति में सुधार न होता देख विधायक ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि जब आम जनता को बिना किसी सूचना के घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को भी वही हालात महसूस करने चाहिए. इसी सोच के तहत विधायक ने बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों के घरों का बिजली कनेक्शन कटवाने का निर्देश दिया. इस कदम के बाद विभाग में हड़कंप मच गया.

क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रिया

विधायक के इस कदम को लेकर झबरेड़ा क्षेत्र में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि यह कदम जनता की आवाज को मजबूती से उठाने वाला और विभागीय लापरवाही के खिलाफ जरूरी दबाव बनाने वाला है. वहीं, कुछ लोग इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए कहते हैं कि समस्या का समाधान संवाद और प्रशासनिक प्रक्रिया से होना चाहिए, न कि ऐसे प्रतीकात्मक कदमों से.

बिजली विभाग में बढ़ी हलचल

इस घटनाक्रम के बाद बिजली विभाग के अधिकारी सक्रिय नजर आने लगे हैं. सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं और तकनीकी खामियों को दूर करने की प्रक्रिया तेज की गई है. हालांकि विभाग की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

समाधान की उम्मीद या नया विवाद?

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. अब यह देखना अहम होगा कि विधायक के इस अनोखे विरोध से झबरेड़ा क्षेत्र की बिजली समस्या का स्थायी समाधान निकलता है या यह मामला एक नए विवाद का रूप ले लेता है. जनता की नजरें अब प्रशासन और बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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