निपाह वायरस रेयर लेकिन बेहद गंभीर, WHO चीफ की चेतावनी- भारत में सीमित हैं मामले
Nipah virus is rare but extremely serious, warns WHO chief; cases are limited in India.
नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक ने निपाह वायरस को लेकर अहम चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि निपाह वायरस के मामले भले ही दुर्लभ हों, लेकिन यह संक्रमण बेहद गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है। WHO के अनुसार फिलहाल इसके मामले भारत में ही सामने आए हैं और राहत की बात यह है कि अब तक इंसान से इंसान में इसके व्यापक संक्रमण के ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
WHO ने जोखिम स्तर को बताया ‘कम’
WHO चीफ ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में निपाह वायरस से वैश्विक स्तर पर बड़ा खतरा नहीं है। संगठन ने इसका जोखिम स्तर फिलहाल ‘कम’ आंका है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के वायरस को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसके लक्षण तेजी से गंभीर रूप ले सकते हैं।
पश्चिम बंगाल तक सीमित हैं मामले
WHO के मुताबिक, निपाह वायरस के हालिया मामले भारत में पश्चिम बंगाल तक सीमित हैं। अब तक देश के अन्य राज्यों में इसके फैलने के संकेत नहीं मिले हैं। स्वास्थ्य एजेंसियां स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा रही हैं और संदिग्ध मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इंसान से इंसान में संक्रमण के सबूत नहीं
WHO ने यह भी साफ किया कि अभी तक निपाह वायरस के मानव से मानव संक्रमण के स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आए हैं। यही कारण है कि फिलहाल इसे महामारी या बड़े प्रकोप की श्रेणी में नहीं रखा गया है। बावजूद इसके, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता बेहद जरूरी है।
निपाह वायरस कितना खतरनाक?
निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैल सकती है। यह वायरस मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और गंभीर श्वसन समस्याएं पैदा कर सकता है। कई मामलों में इसकी मृत्यु दर काफी अधिक दर्ज की गई है, जिससे यह वायरस स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बना रहता है।
इलाज और वैक्सीन को लेकर स्थिति
फिलहाल निपाह वायरस का कोई विशेष इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इलाज मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है। इसी वजह से WHO बार-बार शुरुआती पहचान, आइसोलेशन और निगरानी पर जोर दे रहा है।
सरकारों और स्वास्थ्य एजेंसियों से अपील
WHO चीफ ने सभी देशों, खासकर भारत से अपील की है कि वे निगरानी तंत्र मजबूत रखें, संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग करें और लोगों को सही जानकारी दें। अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं बरती जानी चाहिए। WHO की चेतावनी का मकसद डर फैलाना नहीं, बल्कि समय रहते सतर्कता बढ़ाना है।
कुल मिलाकर, निपाह वायरस भले ही रेयर हो, लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए भारत समेत पूरी दुनिया को सतर्क रहने की जरूरत है।



