नोएडा में सजा ‘मिनी उत्तराखंड’, महाकौथिग में लोक संस्कृति के संग सीएम धामी का सख्त संदेश
Noida adorned with a 'mini Uttarakhand', CM Dhami delivers a strong message alongside folk culture at the Mahakauthig festival.
दिल्ली/नोएडा। नोएडा का सेक्टर-21 स्टेडियम शनिवार को पूरी तरह ‘मिनी उत्तराखंड’ में तब्दील नजर आया। अवसर था उत्तराखंड की लोक कला, लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और पहाड़ी उत्पादों को समर्पित भव्य आयोजन ‘महाकौथिग’ का। देवभूमि की खुशबू, रंग-बिरंगे परिधान, लोक संगीत और पारंपरिक स्वाद ने पूरे परिसर को जीवंत बना दिया। इस सांस्कृतिक उत्सव में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे।
लोक कला और परंपरा की दिखी जीवंत झलक
महाकौथिग में उत्तराखंड के विभिन्न अंचलों की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, ढोल-दमाऊं की थाप और हस्तशिल्प के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में लगाए गए हर स्टॉल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय कलाकारों व कारीगरों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि महाकौथिग जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के साथ-साथ कलाकारों और स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा मंच प्रदान करते हैं।
प्रवासी उत्तराखंडी हैं संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडर
मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी राज्य की संस्कृति के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं। राज्य से दूर रहते हुए भी वे अपनी जड़ों, परंपराओं और संस्कारों को संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा उत्तराखंड महाकौथिग लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक विरासत और पहाड़ी उत्पादों को देशभर में पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन में भूमिका निभाते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में बसे उत्तराखंडियों को एक सूत्र में बांधने का कार्य भी करते हैं।
भूमि अतिक्रमण पर सीएम धामी का कड़ा रुख
सांस्कृतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की सुरक्षा और अस्मिता को लेकर एक कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने उत्तराखंड में हो रहे भूमि अतिक्रमण पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि अतिक्रमणकारियों के दिन अब पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर जमीनों पर कब्जे हुए हैं, जिन पर अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिम्मेदारी संभालने के बाद इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया गया। कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले नोटिस जारी किए गए, अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया गया और जो लोग नहीं माने, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
देवभूमि के ‘देवत्व’ से कोई समझौता नहीं
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि देवभूमि उत्तराखंड के ‘देवत्व’ पर किसी भी तरह की आंच बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड नफरत नहीं, संस्कार चाहता है; विभाजन नहीं, एकता चाहता है। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है और इसके लिए विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है।



