सर्दियों में क्यों घट जाती है प्यास और बढ़ जाता है डिहाइड्रेशन का खतरा?
Why does thirst decrease in winter and the risk of dehydration increase?
सर्दियों के मौसम में पानी पीना अक्सर लोगों की प्राथमिकता नहीं रहता। ठंड के कारण प्यास कम लगती है, जिससे लोग अनजाने में कम पानी पीते हैं। जबकि शरीर को इस मौसम में भी उतनी ही मात्रा में पानी की जरूरत होती है, जितनी गर्मियों में होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में डिहाइड्रेशन एक “साइलेंट प्रॉब्लम” बनकर सामने आता है।
NCBI रिसर्च क्या कहती है ठंड और फ्लूइड बैलेंस पर
NCBI की रिसर्च वेबसाइट पर प्रकाशित अध्ययन “इंसानी शरीर में फ्लूइड बैलेंस पर ठंड के स्ट्रेस का असर” के मुताबिक, ठंड के मौसम में पानी कम पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। यह स्थिति कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है, जिनमें थकान, पाचन संबंधी दिक्कतें और इम्यून सिस्टम का कमजोर होना शामिल है।
ठंड में शरीर क्यों नहीं देताჟ प्यास का सही संकेत
सर्दियों में शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। इससे दिमाग के उस हिस्से तक रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जो प्यास को नियंत्रित करता है। नतीजतन, दिमाग को यह भ्रम हो जाता है कि शरीर में पानी की कमी नहीं है, जबकि वास्तव में शरीर को फ्लूइड की जरूरत होती है। अध्ययनों के अनुसार, ठंड में प्यास की भावना करीब 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
रेस्पिरेटरी फ्लूइड लॉस भी बढ़ाता है पानी की कमी
सर्दियों की हवा में नमी कम होती है। ठंडी हवा अंदर लेने और गर्म हवा बाहर छोड़ने की प्रक्रिया में शरीर से पानी की भाप निकलती रहती है, जिसे ‘रेस्पिरेटरी फ्लूइड लॉस’ कहा जाता है। यह प्रक्रिया दिखती नहीं है, लेकिन इससे शरीर का फ्लूइड स्तर धीरे-धीरे कम हो जाता है।
भारी कपड़े और हीटर भी बनते हैं डिहाइड्रेशन की वजह
स्वेटर, जैकेट और शॉल पहनने से शरीर में हल्का पसीना आता है, जो सूखी हवा में तुरंत सूख जाता है। इसके अलावा, घरों और दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले हीटर और ब्लोअर हवा की नमी कम कर देते हैं, जिससे त्वचा, गले और नाक से नमी तेजी से खत्म होती है। सर्दियों में मुंह सूखना या गले में खराश होना इसी का संकेत हो सकता है।
चाय-कॉफी की आदत बढ़ाती है समस्या
ठंड से राहत पाने के लिए लोग पानी की जगह चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं। हालांकि, ये ड्रिंक्स शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन नहीं देतीं। अधिक कैफीन लेने से शरीर से फ्लूइड और तेजी से बाहर निकल सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है।
डिहाइड्रेशन के आम लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज
डिहाइड्रेशन के लक्षणों में लगातार थकान, सूखी या खुजली वाली त्वचा, फटे होंठ, कब्ज, गहरे पीले रंग का पेशाब और मीठा या नमकीन खाने की तीव्र इच्छा शामिल है। लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है और इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है।
सर्दियों में हाइड्रेटेड रहने के आसान और असरदार उपाय
भले ही प्यास न लगे, लेकिन सुबह उठकर एक गिलास गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है। पानी की बोतल को आंखों के सामने रखें ताकि बार-बार पानी पीने की याद बनी रहे। अपने आहार में सूप, फल और सब्जियां शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। हर 90 मिनट में पानी पीने का अलार्म लगाना भी एक कारगर तरीका है।
कम प्यास के बावजूद पानी जरूरी, सेहत के लिए है अहम
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में भी शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। अगर समय रहते डिहाइड्रेशन की इस छिपी समस्या को समझ लिया जाए और नियमित रूप से पानी पीने की आदत डाली जाए, तो पूरे सर्दी के मौसम में शरीर स्वस्थ, ऊर्जावान और संक्रमण से सुरक्षित रह सकता है।



