उत्तराखंड में 4 दिसंबर से मौसम बदलेगा: बारिश-बर्फबारी के आसार, प्रशासन अलर्ट मोड पर
Weather to change in Uttarakhand from December 4: Chances of rain and snowfall, administration on alert mode
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से जारी सूखी ठंड से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार 4 दिसंबर से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कुछ मैदानी और पर्वतीय जिलों में हल्की वर्षा होने की संभावना है, जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी प्रबल संकेत हैं। मौसम बदलने की इस आशंका को देखते हुए प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग तैयारियों में जुट गए हैं।
उच्च हिमालय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष रूप से उच्च हिमालय क्षेत्रों को लेकर अलर्ट जारी किया है। ये वे इलाके हैं जहां बर्फबारी के बाद मार्ग बाधित होने की संभावना रहती है। ऐसे क्षेत्रों में दवाइयों, डीज़ल, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का कहना है कि फरवरी तक इन क्षेत्रों में सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना आवश्यक है।
सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और रैन बसेरों की तैयारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हाल ही में संबंधित विभागों को निर्देश दे चुके हैं कि ठंड और संभावित शीतलहर से बचाव के लिए सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की उचित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही रैन बसेरों में गद्दे, रज़ाई, कंबल और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर निगम देहरादून और राज्य के अन्य नगर निकायों ने कई स्थानों पर अलाव की व्यवस्था शुरू कर दी है, जबकि जिलाधिकारियों को जरूरतमंदों को कंबल वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
23 दिसंबर को आयोजित होगी शीतलहर बचाव कार्यशाला
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 23 दिसंबर को शीतलहर से बचाव से संबंधित एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। कार्यशाला में अब तक की तैयारियों की समीक्षा, आगे की रणनीति और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही बचाव प्रबंधन की तैयारियों के परीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
जिलों को मिला बजट, केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन जारी
सचिव ने बताया कि शीतलहर से बचाव के लिए जिलों को उनके आवश्यकता के अनुसार बजट उपलब्ध करा दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का भी पालन किया जा रहा है और उन्हें जिलों तक पहुंचाया जा रहा है। हाल ही में हुई बैठक में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़े तो इसका प्रस्ताव तुरंत तैयार कर भेजा जाए, ताकि समय रहते फंड जारी किया जा सके।
इस तरह मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है।


