मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया पिथौरागढ़ सहकारिता मेले का शुभारंभ, ₹85.14 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
Chief Minister Pushkar Singh Dhami inaugurated the Pithoragarh Cooperative Fair and laid the foundation stone for and inaugurated projects worth ₹85.14 crore.
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो दिवसीय पिथौरागढ़ दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ₹85.14 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें ₹23.16 करोड़ की लागत के शिलान्यास और ₹61.98 करोड़ के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।
पिथौरागढ़ पहुंचने पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पुलिस के जवानों ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री देव सिंह मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने सहकारिता मेले का उद्घाटन किया और विभागीय संस्थाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 28 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया और लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए।
सहकारिता से स्वावलंबन की दिशा में कदम
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है, जो परस्पर सहयोग और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त करती है।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ घोषित किया है ताकि वैश्विक सहयोग के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सहकारिता आंदोलन को और सशक्त करने के लिए एक अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत और प्रशासनिक ढांचा तैयार कर रहा है।
उत्तराखंड बना सहकारिता नवाचार का अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि देश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और आज राज्य की सभी 671 समितियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे ग्रामीणों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है, जबकि फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 डेयरी समितियां और 116 मत्स्य समितियां गठित की गई हैं। उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए मंडुवा की खरीद ₹48.86 प्रति किलो की दर से की जा रही है।
किसानों और महिलाओं को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को एक लाख रुपये तक का फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में ₹16 हजार करोड़ से अधिक की जमा राशि है, जो जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी सहकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है—प्रदेश की 1.70 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में नया इतिहास रच रही हैं।
पिथौरागढ़ में तेजी से बदल रहा विकास परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में ₹750 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य जारी है, जबकि ₹34 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में मल्टीपर्पज हॉल बन रहा है। इसके अलावा बेरीनाग में नया स्टेडियम, और अस्कोट, धारचूला, गंगोलीहाट में बस स्टेशन निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने जा रहे हैं।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ₹327 करोड़ की सड़कों का निर्माण तेजी से जारी है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ा जा चुका है और अब ₹450 करोड़ की लागत से हवाई अड्डे को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा।



