राज्य स्थापना दिवस पर जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश: सीएम धामी बोले- सड़कों से लेकर सफाई तक, हर काम में दिखे तैयारी का असर
Instructions to increase public participation on State Foundation Day: CM Dhami said -the effect of preparation should be visible in every work
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को शासकीय आवास में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक कर राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल औपचारिक कार्यक्रम न रह जाए, बल्कि इसे जनोत्सव का रूप दिया जाए, जिसमें आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
जनभागीदारी बढ़ाने की अपील: उत्सव को बनाए आमजन का पर्व
सीएम धामी ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंडवासियों के गर्व और उपलब्धियों का प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएँ, प्रदर्शनी और प्रेरक संवाद सत्र आयोजित किए जाएँ, ताकि राज्य की उपलब्धियाँ जनता तक पहुँचें।
नंदा राजजात यात्रा मार्गों का रखरखाव और सुविधाओं का विकास
मुख्यमंत्री ने नंदा राजजात यात्रा मार्गों के रखरखाव और यात्रियों के रात्रि ठहराव स्थलों पर सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर स्वच्छ पेयजल, आवासीय सुविधा और चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य की संस्कृति और पर्यटन का प्रतीक भी है।
आपदा राहत कार्यों की सराहना
सीएम धामी ने हाल ही में प्रदेश में आई आपदाओं के दौरान प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय संस्थाओं के त्वरित और प्रभावी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य और राहत सामग्री वितरण समयबद्ध तरीके से किया जाए।
शहरी यातायात और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक सिग्नलिंग सिस्टम अपग्रेड करने और पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी रोकने के लिए प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान चलाने पर जोर दिया।
निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी चल रहे निर्माण कार्यों की समय-समय पर भौतिक जांच कराने और क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। 31 अक्टूबर तक गड्ढा-मुक्त सड़क अभियान के तहत सभी पैचवर्क पूरे करने का आदेश भी दिया।
फ्लैगशिप योजनाओं की पारदर्शिता और प्रगति रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की सभी फ्लैगशिप योजनाओं और प्रमुख विकास परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनता को वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए परियोजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री का संदेश
सीएम ने बैठक के अंत में कहा, “उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर है, लेकिन यह विकास तभी सार्थक होगा जब इसकी गूंज आमजन के जीवन में महसूस की जाए। हर परियोजना और योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि है।”
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



