उत्तराखंड

उत्तराखंड में बारिश का कहर, 15 मौतें, देहरादून में हालात सबसे गंभीर

Rain wreaks havoc in Uttarakhand, 15 dead, situation worst in Dehradun

देहरादून: उत्तराखंड में बीते 24 घंटों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के उफान के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान राजधानी देहरादून में हुआ, जहां अकेले 13 लोगों की जान गई। प्रेमनगर और सहस्त्रधारा में नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया, जबकि रिस्पना और बिंदाल नदियों के तेज बहाव से घर और दुकानों को नुकसान पहुंचा। ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी का उफान आसपास के इलाकों में दहशत का कारण बना।

सीएम धामी ने संभाला मोर्चा, राहत-बचाव कार्य तेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मैदान में उतरकर आपदा प्रबंधन टीमों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड में रहने और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने को कहा। धामी ने राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पानी, चिकित्सा सुविधा और बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए टीमों को सतर्क रहने का आदेश दिया।

अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 17 सितंबर को देहरादून और बागेश्वर जिलों में तेज बारिश का अनुमान है, जबकि 18 और 19 सितंबर को हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। विभाग ने 20 सितंबर तक इसी स्थिति को बरकरार रखने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

देहरादून डीएम और एसएसपी ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह ने मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाड़ा और कार्लीगाड इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। मजयाड़ा में तीन लोग मलबे में दबे हुए और एक लापता हैं। कई घरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवन और सामुदायिक केंद्र को नुकसान पहुंचा। सहस्रधारा-कार्लीगाड मार्ग के नौ स्थान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए।

राहत शिविर और किराया सहायता

प्रशासन ने चामासारी में राहत शिविर स्थापित किया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहराया जा रहा है और जो लोग स्थायी रूप से घर में नहीं रह सकते, उन्हें तीन महीने तक प्रति परिवार चार-चार हजार रुपये किराया सहायता दी जाएगी।

जनता से सतर्क रहने की अपील

राज्य सरकार ने आम नागरिकों से अफवाहों से बचने और आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे सक्रिय हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

उत्तराखंड में लगातार बारिश और बढ़ते खतरे के बीच राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे।

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