उत्तराखंड सरकार का ऐतिहासिक फैसला: परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगी अब डेढ़ करोड़ की सम्मान राशि
Historical decision of Uttarakhand government: Param Vir Chakra winners will now get honorarium of Rs. 1.5 crore
देहरादून – कारगिल विजय दिवस 2025 के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने राज्य के वीर सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि परमवीर चक्र विजेताओं को अब 50 लाख रुपये की बजाय डेढ़ करोड़ रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें हर साल तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह फैसला देश की रक्षा में अद्वितीय योगदान देने वाले सैनिकों के सम्मान में लिया गया है।
खटीमा में समारोह के दौरान की गई घोषणा
मुख्यमंत्री धामी ने यह घोषणा खटीमा में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में की, जो उनके पिता स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा, “हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही आज देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। उत्तराखंड की धरती हमेशा से वीर सपूतों की जन्मस्थली रही है और राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।”
सैनिक कल्याण विभाग ने भेजा प्रस्ताव, मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री की घोषणा के तुरंत बाद सैनिक कल्याण विभाग ने इस फैसले को औपचारिक रूप देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर तुरंत सहमति दे दी, जिससे यह निर्णय राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो गया है। इसका लाभ न केवल वर्तमान परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा, बल्कि भविष्य में उत्तराखंड से सम्मानित होने वाले सैनिकों के परिजनों को भी मिलेगा।
पहले भी बढ़ी थी राशि, अब ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची
गौरतलब है कि जून 2022 तक यह राशि 30 लाख रुपये थी, जिसे उत्तराखंड कैबिनेट ने 10 जून 2022 को बढ़ाकर 50 लाख किया था। अब महज दो वर्षों के भीतर इसे तीन गुना बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर देना राज्य सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल देशभर में उत्तराखंड को एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करती है।
कारगिल शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि 1999 के कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने शहादत दी थी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें अपने सैनिकों के त्याग और पराक्रम को याद करने के साथ ही उन्हें सम्मान देने का दिन भी है।
सैनिकों के कल्याण को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के हित में और भी ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने यह दोहराया कि सैनिकों की सेवा, त्याग और अनुशासन का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
उत्तराखंड सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल सैनिकों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि भावनात्मक रूप से भी उन्हें सम्मानित करेगा। यह पहल उत्तराखंड को वीरभूमि के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी तथा युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करेगी।

