Blogउत्तराखंडपर्यटन

मसूरी तक आसान सफर का नया जरिया: देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया बल

New way of easy travel to Mussoorie: Dehradun-Mussoorie ropeway project will give new impetus to tourism and employment

उत्तराखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना, देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना, अब तेजी से आकार ले रही है। यह परियोजना देहरादून से मसूरी के बीच की यात्रा को न सिर्फ आसान बनाएगी, बल्कि समय की भी बचत करेगी। लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे इस रोपवे से पर्यटक और स्थानीय लोग मात्र 15 मिनट में मसूरी पहुंच सकेंगे।

ट्रैफिक जाम से राहत और प्रकृति का नज़ारा

हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचते हैं, जिससे देहरादून-मसूरी मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम लगता है। खासकर छुट्टियों और पर्यटन सीजन में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में रोपवे एक वैकल्पिक और प्रभावशाली समाधान बनकर सामने आएगा। इस यात्रा में लोग पहाड़ों की सुंदरता और हरियाली का हवाई नज़ारा भी कर सकेंगे।

रोपवे परियोजना के प्रमुख विशेषताएं

इस रोपवे को आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है और इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इसमें कुल 26 टावर होंगे और हर टॉवर के बीच अत्याधुनिक ट्रॉलियां चलाई जाएंगी। यह रोपवे हर मौसम में संचालन योग्य होगा। खास बात यह है कि एक घंटे में लगभग 2,600 यात्रियों को एक तरफ से ले जाने की क्षमता होगी।

पर्यटन के साथ बढ़ेगा स्थानीय रोजगार

देहरादून के पुरकुल गांव से लेकर मसूरी के गांधी चौक (लाइब्रेरी चौक) तक चलने वाले इस रोपवे के दोनों सिरों पर टर्मिनल तैयार किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर मल्टीलेवल पार्किंग और अन्य पर्यटक सुविधाओं का भी निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अनुमान है कि करीब 350 लोगों को सीधा और 1,500 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

परियोजना के पूरा होने की उम्मीद

सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस प्रोजेक्ट के तहत न सिर्फ आवाजाही आसान होगी, बल्कि बरसात और भूस्खलन के दौरान भी यात्री सुरक्षित और सुगमता से मसूरी पहुंच सकेंगे।

देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना, उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देगी। यह न सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास का जरिया भी बन रही है। पहाड़ों के सौंदर्य को सहेजते हुए, यह प्रोजेक्ट राज्य के भविष्य को ऊंचाई दे रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button