बेरीनाग: उत्तराखंड के सीमांत पहाड़ी क्षेत्र की जानी-मानी महिला नेता और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डीडीहाट कमला चुफाल को रायसीना डायलॉग 2025 में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है, क्योंकि पहली बार उत्तराखंड की कोई बेटी विश्व मंच पर 118 देशों के दिग्गज नेताओं, विदेश मंत्रियों, कूटनीतिज्ञों और नीति निर्माताओं के साथ अपने विचार साझा करेगी।
डीडीहाट जैसे सीमांत क्षेत्र से निकलकर इस स्तर तक पहुंचना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड की महिलाएं भी अब वैश्विक नेतृत्व में अपनी पहचान बना रही हैं। 17 से 19 मार्च 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में वैश्विक शक्ति संतुलन, कूटनीति, आर्थिक विकास, तकनीकी क्रांति, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
रायसीना डायलॉग 2025 में कौन-कौन होंगे शामिल?
रायसीना डायलॉग में इस वर्ष 118 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें विश्व के प्रमुख नेता, उद्योगपति, नीति निर्माता और रक्षा विशेषज्ञ शामिल होंगे। कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- स्लोवेनिया की विदेश मंत्री – तान्या फेज़ोन
- लक्ज़मबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री – ज़ेवियर बेट्टेल
- फिलीपींस के विदेश मंत्री – एनरिक ए. मनालो
- लिकटेंस्टीन की विदेश मंत्री – डोमिनिक हैसलर
- लातविया की विदेश मंत्री – बैबा ब्रेज़े
- मालदीव के विदेश मंत्री – डॉ. अब्दुल्ला खलील
- थाईलैंड के विदेश मंत्री – मारिस सांजियामपोंगसा
- यूक्रेन के विदेश मंत्री – एंड्री सिबिहा
- पेरू के विदेश मंत्री – एल्मर शियालर साल्सेडो
- घाना के विदेश मंत्री – सैमुअल ओकुदजेटो अबलाक्व
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र (UN), विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), नाटो (NATO), यूरोपीय संघ (EU), ब्रिक्स (BRICS), क्वाड (QUAD), G20, G7, SCO (Shanghai Cooperation Organisation), अफ्रीकी संघ और ASEAN के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि भी इस वैश्विक सम्मेलन में भाग लेंगे।
कमला चुफाल की इस उपलब्धि से उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को एक नई प्रेरणा मिलेगी और यह साबित होगा कि सीमांत क्षेत्रों के लोग भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। रायसीना डायलॉग 2025 में उनकी भागीदारी से महिला सशक्तिकरण और उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



