पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति
नई दिल्ली: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आम लोगों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। रमजान के महीने में भी खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं।
रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी मुश्किलें
रमजान के दौरान पाकिस्तान के कई शहरों में रसोई गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है। गैस के दाम बढ़ने और सप्लाई बाधित होने से लोगों को सेहरी और इफ्तार बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस कंपनियों के दावे फेल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैस कंपनियों ने आपूर्ति जारी रखने का दावा किया था, लेकिन कराची और रावलपिंडी समेत कई शहरों में गैस पूरी तरह से बंद रही। लोग सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन लिमिटेड (SNGPL) और सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) की विफलता पर सवाल उठा रहे हैं।
एलपीजी सिलेंडर के दाम सुनकर चौंक जाएंगे
पाकिस्तान में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 11.67 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3000-3500 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई है। दिसंबर 2023 में यह 3400 रुपये था, जबकि फरवरी 2024 में यह 3500 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर था। वहीं, जून 2020 में यह महज 1218 रुपये में मिलता था।
खाद्य पदार्थों की कीमतों ने तोड़ी कमर
रमजान के दौरान रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों के दाम भी बेतहाशा बढ़ चुके हैं।
- दूध – 226 रुपये प्रति लीटर
- टमाटर – 164 रुपये प्रति किलो
- आलू – 107 रुपये प्रति किलो
- चावल – 341 रुपये प्रति किलो
- चिकन – 788 रुपये प्रति किलो
- संतरा – 214 रुपये प्रति किलो
- बीयर (500 मिली) – 799 रुपये
भारत से तुलना करें तो चौंक जाएंगे
महंगाई का असर केवल खाद्य वस्तुओं तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान में इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन भी बेहद महंगे हो चुके हैं।
- 40-इंच का फ्लैट स्क्रीन टीवी – भारत में 20,000 रुपये, पाकिस्तान में 61,383 रुपये
- मारुति ऑल्टो (कार) – भारत में 4-5 लाख रुपये, पाकिस्तान में 30 लाख रुपये
रोजगार संकट और कम वेतन ने बढ़ाई मुश्किलें
पाकिस्तान में बेरोजगारी चरम पर है, और जिनके पास नौकरी है, वे भी महंगाई के सामने बेबस हैं। औसत मासिक वेतन 52,000 पाकिस्तानी रुपये है, जो मौजूदा खर्चों को देखते हुए नाकाफी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिनके पास नौकरी नहीं है, वे कैसे जीवन यापन कर रहे होंगे।
क्या पाकिस्तान इस आर्थिक संकट से उबर पाएगा?
पाकिस्तान में आर्थिक हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, और सरकार के पास कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा। बढ़ती महंगाई, गैस संकट और रोजगार की कमी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।

