देहरादून: उत्तराखंड में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) और स्वाइन फ्लू (H1N1) के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राजधानी देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने एचएमपीवी और अन्य फ्लू संक्रमणों से निपटने के लिए विशेष वार्ड तैयार किए हैं। इनमें छोटे बच्चों के लिए 8 बेड और बड़े मरीजों के लिए 19 बेड का प्रबंधन किया गया है।
एचएमपीवी: कमजोर इम्यूनिटी वालों पर ज्यादा असर
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने जानकारी दी कि एचएमपीवी वायरस मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों और बुजुर्गों को प्रभावित करता है। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस वायरस से घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह वायरस दशकों से मौजूद है और मुख्य रूप से सर्दियों में अधिक सक्रिय होता है।
बचाव के उपाय
डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कोविड-19 के समय अपनाए गए सुरक्षा उपायों को इस वायरस से बचने के लिए उपयोगी बताया।
- मास्क का नियमित उपयोग करें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- सतहों को छूने के बाद नियमित रूप से हाथ धोएं।
दून अस्पताल की तैयारी
अस्पताल प्रशासन ने एचएमपीवी और अन्य वायरस संक्रमणों से निपटने के लिए राज्य स्तर पर जारी दिशा-निर्देशों के तहत तैयारी की है। यदि स्थिति गंभीर होती है, तो अस्पताल ने हर चुनौती से निपटने के लिए खुद को तैयार बताया है।
H1N1 से संक्रमित बच्चा अस्पताल में भर्ती
दून अस्पताल में स्वाइन फ्लू (H1N1) से संक्रमित एक बच्चे को भर्ती किया गया है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि यह बच्चा अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहा है और जल्द ही उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
क्या है एचएमपीवी?
एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) एक श्वसन संक्रमण है, जिसके लक्षण सर्दी और कोविड-19 से मिलते-जुलते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों और बुजुर्गों में यह गंभीर हो सकता है। हालांकि, उत्तराखंड में अब तक इस वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
अस्पताल ने दी सलाह
दून अस्पताल प्रशासन ने आम लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। खासकर, बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण से बचाने के लिए मास्क पहनने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सिफारिश की गई है।
निष्कर्ष: उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन सतर्क है और एचएमपीवी या अन्य संक्रमणों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जनता से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

