अंकिता भंडारी केस ने फिर बढ़ाया राजनीतिक तापमान, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर आए सामने
The Ankita Bhandari case has once again raised political tensions, with Suresh Rathore and Urmila Sanawar coming forward.
Ankita Bhandari case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। वर्ष 2022 में हुई इस घटना को लेकर लंबे समय से कोई बड़ी हलचल नहीं दिख रही थी, लेकिन 2025 के अंत में सामने आए नए आरोपों और वीडियो ने पूरे मामले को दोबारा सुर्खियों में ला दिया है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी व फिल्म अभिनेत्री उर्मिला सनावर।
उर्मिला के वीडियो से दोबारा गरमाया मामला
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए अंकिता भंडारी केस से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ अहम तथ्यों को जानबूझकर दबाया गया है। उर्मिला के इन बयानों के बाद न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई, बल्कि आम जनता के बीच भी आक्रोश देखने को मिला।
विपक्ष का सरकार पर हमला तेज
उर्मिला के आरोप सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस सहित अन्य दलों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच की आवाज बुलंद की। कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन किए और देहरादून में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए। सड़कों पर उतरी जनता ने अंकिता को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
मुकदमे दर्ज होते ही दोनों हुए गायब
मामले के तूल पकड़ने के बाद सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद दोनों कुछ समय तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए, जिससे उनके ‘अंडरग्राउंड’ होने की चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि इस दौरान भी उर्मिला सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखती रहीं और पुलिस व प्रशासन पर सवाल उठाती रहीं।
सरकार और बीजेपी का रुख
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर मामले को राजनीतिक रंग देकर पार्टी और सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बयान जारी कर कहा कि सरकार किसी भी तरह की जांच से पीछे नहीं हटेगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट से राहत के बाद बोले सुरेश राठौर
इसी बीच सुरेश राठौर को नैनीताल हाईकोर्ट से दो मामलों में राहत मिली, जिसके बाद उन्होंने वीडियो जारी कर जांच में सहयोग की बात कही। राठौर ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और वह सभी तथ्यों को जांच एजेंसियों के सामने रखेंगे।
देहरादून पहुंचीं उर्मिला, जांच में सहयोग का दावा
उधर, उर्मिला सनावर भी देहरादून पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि वह एसआईटी जांच में पूरा सहयोग करेंगी और उनके पास ऐसे अहम सबूत हैं, जो जांच के दौरान सामने लाए जाएंगे। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है।
जांच पर टिकी सबकी नजर
अंकिता भंडारी केस एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। अब देखना यह होगा कि जांच एजेंसियां इस बार किन नतीजों तक पहुंचती हैं और क्या अंकिता को न्याय मिलने की दिशा में कोई ठोस कदम सामने आता है।

