चारधाम यात्रा 2026 से पहले उत्तराखंड में हाई अलर्ट, 13 जिलों में तीन दिन चलेगी व्यापक मॉक ड्रिल
Uttarakhand on high alert ahead of Chardham Yatra 2026, extensive mock drill to be conducted in 13 districts for three days
देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के बीच उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्कता और तेज कर दी है। राज्य के सभी 13 जिलों में 16, 17 और 18 मार्च को बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रा सीजन से पहले आपदा से निपटने की तैयारियों को परखना और व्यवस्थाओं में सुधार करना है।
इस संबंध में शनिवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित जोखिमों और तैयारी की स्थिति की जानकारी साझा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभ्यास को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानते हुए वास्तविक परिस्थितियों जैसा बनाया जाए।
तहसील स्तर तक होगा अभ्यास
निर्णय लिया गया कि मॉक ड्रिल सिर्फ जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अलग-अलग तहसीलों में भी इसका आयोजन किया जाएगा। इससे स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियों की जमीनी तैयारी का आकलन हो सकेगा। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की क्षमता की भी परीक्षा होगी।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा के समय त्वरित निर्णय, बेहतर संचार और विभागों के बीच तालमेल बेहद जरूरी होता है। इसलिए मॉक ड्रिल के माध्यम से कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जाएगा। पूरे अभ्यास की निगरानी उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) द्वारा की जाएगी।
संभावित आपदा परिदृश्यों पर फोकस
तीन दिवसीय मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना, वनाग्नि, औद्योगिक दुर्घटना, मानव-वन्यजीव संघर्ष, नाव पलटने की घटना, भगदड़ और नदी में डूबने जैसे विभिन्न परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा। इन स्थितियों में राहत कार्यों की गति, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय की वास्तविक परीक्षा होगी।
अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां सक्रिय रूप से भाग लेंगी। संचार प्रणाली, आपातकालीन चेतावनी तंत्र, चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों की कार्यशीलता की भी जांच की जाएगी।
‘जीरो डेथ’ लक्ष्य पर सरकार का जोर
सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य ‘जीरो डेथ’ लक्ष्य की दिशा में काम करना है। चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रदेश में पहुंचते हैं, ऐसे में किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए पूरी तैयारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय से पहले अभ्यास और समीक्षा से संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि यह तीन दिवसीय मॉक ड्रिल न केवल विभागों की तैयारियों को मजबूत करेगी, बल्कि आपदा के समय समन्वित और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगी। प्रशासन का प्रयास है कि चारधाम यात्रा सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।



