उत्तराखंड

सफेद चादर में लिपटी देवभूमि: गंगोत्री-यमुनोत्री और हर्षिल घाटी में भारी बर्फबारी, काश्तकारों के चेहरे खिले, ठिठुरन ने दी दस्तक

Devbhoomi wrapped in a white sheet: Heavy snowfall in Gangotri-Yamunotri and Harsil valley, farmers' faces brightened, cold knocked the door.

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। मार्च के उत्तरार्ध में मौसम ने ऐसी करवट बदली है कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित पूरी हर्षिल घाटी चांदी जैसी सफेद बर्फ से ढक गई है। Uttarakhand Snowfall Alert Gangotri Yamunotri 2026 के बीच उत्तरकाशी जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में बीते रविवार से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने जहां एक ओर कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में हुई बारिश ने सूखी पड़ती फसलों को नया जीवन दान दिया है।

धामों में 8 इंच तक जमी बर्फ, हर्षिल बना ‘मिनी स्विट्जरलैंड’

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, इन पवित्र धामों में अब तक लगभग सात से आठ इंच बर्फ की मोटी परत जम चुकी है। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हर्षिल, मुखबा, धराली और गीठ-मोरी जैसे ऊंचाई वाले गांवों में भी तीन से चार इंच बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फ की इस सफेद चादर ने पूरी हर्षिल घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं।

गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि “धाम में रविवार से ही बर्फबारी का सिलसिला जारी है। तापमान में भारी गिरावट आने के कारण पूरी घाटी में जबरदस्त ठिठुरन महसूस की जा रही है, लेकिन प्रकृति का यह स्वरूप बेहद मनमोहक है।”

सेब के बागवानों के लिए ‘वरदान’ बनी यह बर्फबारी

मार्च के महीने में हुई इस बर्फबारी और बारिश का इंतजार उत्तरकाशी के काश्तकार लंबे समय से कर रहे थे। लंबे ड्राई स्पेल (शुष्क मौसम) के कारण सेब के बगीचे और अन्य नकदी फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई थीं। Uttarakhand Snowfall Alert Gangotri Yamunotri 2026 के तहत हुई इस बर्फबारी ने बागवानों की उम्मीदें जगा दी हैं।

स्थानीय काश्तकार संजय पंवार का कहना है कि “सेब की फसल के लिए चिलिंग ऑवर्स (ठंडक के घंटे) बहुत जरूरी होते हैं। कई दिनों से बारिश न होने से हम डरे हुए थे कि फसल बर्बाद हो जाएगी, लेकिन अब हुई बर्फबारी सेब के बेहतर उत्पादन के लिए रामबाण साबित होगी। विशेषकर मार्च की यह नमी मिट्टी की उर्वरता और फलों के आकार के लिए बहुत उपयोगी है।”

मौसम विभाग का अलर्ट: 3000 मीटर से ऊपर बर्फबारी का अंदेशा

मौसम विज्ञान केंद्र ने Uttarakhand Snowfall Alert Gangotri Yamunotri 2026 को लेकर ताजा चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, आज भी प्रदेश के कई जनपदों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।

इसके साथ ही मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले जनपदों जैसे देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं गरज के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेषकर उन लोगों को जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।

पर्यटन और जनजीवन पर प्रभाव

बर्फबारी के कारण पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह है, क्योंकि बर्फ देखने की चाहत में पर्यटकों की आमद बढ़ सकती है। हालांकि, कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। लोग घरों के भीतर दुबकने को मजबूर हैं और अलाव का सहारा ले रहे हैं। ऊंचाई वाले गांवों में संपर्क मार्ग बाधित होने की भी खबरें हैं, जिन्हें साफ करने के लिए बीआरओ (BRO) की टीमें मुस्तैद हैं।

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