उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव की रणभेरी: निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति के लिए शासन का पत्र, जल्द थमेगा ढाई साल का इंतजार
Uttarakhand Secretariat Union election bugle: Government issues letter for election officer appointment, two-and-a-half-year wait to end soon
उत्तराखंड राज्य के प्रशासनिक केंद्र ‘सचिवालय’ में सत्ता परिवर्तन और नई कार्यकारिणी के गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। लंबे समय से लंबित Uttarakhand Secretariat Association Elections 2026 की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सचिवालय प्रशासन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को औपचारिक पत्र भेज दिया है। इस पत्र के माध्यम से चुनाव संपन्न कराने के लिए तत्काल एक ‘निर्वाचन अधिकारी’ नामित करने का अनुरोध किया गया है, जिससे सचिवालय के गलियारों में चुनावी हलचल चरम पर पहुँच गई है।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद बढ़ा असंतोष
नियमों के अनुसार, सचिवालय संघ की कार्यकारिणी का चुनाव हर दो वर्ष में होना अनिवार्य है। हालांकि, मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 जुलाई 2025 को ही समाप्त हो चुका था। कार्यकाल खत्म होने के सात महीने बाद भी चुनाव न होने के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी असंतोष व्याप्त था। कर्मचारियों का तर्क था कि बिना वैध कार्यकारिणी के संघ के महत्वपूर्ण निर्णय प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों की आवाज शासन तक सही ढंग से नहीं पहुँच पा रही है।
निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति: पहला बड़ा कदम
Uttarakhand Secretariat Association Elections 2026 की दिशा में ‘निर्वाचन अधिकारी’ की नियुक्ति सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। शासन द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जल्द ही किसी वरिष्ठ अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति होते ही चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम (नामांकन, नाम वापसी और मतदान की तिथियां) जारी कर दिया जाएगा।
गरमाया सियासी माहौल: दिग्गजों ने कसी कमर
भले ही चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन सचिवालय के भीतर संभावित उम्मीदवारों ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे रसूखदार पदों के लिए दावेदारों ने लॉबिंग तेज कर दी है। Uttarakhand Secretariat Association Elections 2026 इसलिए भी दिलचस्प होने वाले हैं क्योंकि इस बार कई नए चेहरे पुरानी व्यवस्था को चुनौती देने की तैयारी में हैं।
कर्मचारियों की उम्मीदों का मंच
सचिवालय संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राज्य के हजारों कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा मंच है। पदोन्नति, वेतन विसंगति और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर संघ हमेशा शासन से सीधा संवाद करता है। यही कारण है कि इस चुनाव को लेकर सचिवालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर अनुभाग अधिकारी तक सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
